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    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल, 26 दिनों में ही अब तक 74 जगह पैचवर्क

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 02:00 AM (IST)

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर संचालन के सिर्फ 26 दिनों में ही 74 जगह पैचवर्क हो चुका है, जिससे सड़क की खराब गुणवत्ता उजागर हुई है। टोल फ्री होने के बाद व ...और पढ़ें

    एक्सप्रेसवे पर 26 दिनों में ही अब तक 74 जगह पैचवर्क।

    एक्सप्रेसवे पर 26 दिनों में ही अब तक 74 जगह पैचवर्क।

    HighLights

    1. एक्सप्रेसवे पर 26 दिन में 74 जगह पैचवर्क।

    2. लखनऊ लेन पर औसतन हर दो किमी पर सड़क खराब।

    3. टोल फ्री होने से वाहनों की संख्या दोगुनी हुई।

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर वाहन चलते अभी सिर्फ 26 दिन ही हुए हैं, लेकिन स्थिति ऐसी है कि ग्रीनफील्ड हिस्से के 45 किलोमीटर में उन्नाव से लखनऊ लेन पर औसतन हर दो किलोमीटर पर सड़क धंसी और खराब मिल जाएगी, जबकि 700-800 मीटर पर पैचवर्क।

    छोटी-छोटी समस्याओं को नजरअंदाज किया जाए तो सड़क पर संचालन शुरू होने के बाद से अब तक 20 जगह या तो सड़क धंस चुकी है या फिर उखड़ गई है। ग्रीनफील्ड हिस्से में दोनों लेन पर अब तक 74 जगह पैचवर्क किया जा चुका है। सबसे ज्यादा समस्या लखनऊ जाने वाली लेन पर है।

    पांच अगस्त को टोल वसूली बंद होने के दूसरे दिन यानी गुरुवार से एक्सप्रेसवे पर वाहनों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। शनिवार तक तीन दिनों में ही 10 जगह सड़क धंस चुकी है। एक्सप्रेसवे 63 किलोमीटर लंबा है, जिसका निर्माण आगरा की पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड ने किया है।

    उन्नाव के आजाद मार्ग से शुरू हो रहे इस एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही किमी संख्या 73.4 पर सड़क दबने के बाद किया पैचवर्क वाहन को उछाल देता है। किमी संख्या 72 के पास डिवाइडर की दीवार का प्लास्टर टूटकर सड़क पर पड़ा है।

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    बदरका गांव के पास किमी संख्या 71 से लेकर 69 तक आधा दर्जन स्थानों पर नया पैचवर्क किया गया है। किमी संख्या 68.6 पर पुलिया के पास डामर बिछाया गया है, इसके बावजूद करीब दो मीटर लंबाई व चौड़ाई के साथ लगभग आठ इंच गहराई में रोड दबा है। यहां वाहन उछल जाते हैं। किमी संख्या 61.2 पर पुलिया के पास भी पैच लगा है।

    ऐसी ही स्थिति अनके जगहों पर बनी है। किमी संख्या 49.7 पर पैचवर्क के चलते सड़क समतल नहीं है। एक्सप्रेसवे पर कुल 31 पुल, 38 अंडरपास और छह फ्लाईओवर हैं। इनमें अनेक पुल-पुलिया और अंडरपास के पास गर्डर और उभर गया है।

    जांच को नामित इंजीनियरों की टीम ने सड़क और मिट्टी के नमूने लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली। इनकी जांच दिल्ली में होगी। कुल 72 नमूने जांच के लिए ले जाए गए हैं। टीम में शामिल इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि रिपोर्ट 17 अगस्त तक आने की संभावना है।

    एनआईटी वारंगल की टीम जांच में नहीं

    जांच टीम में शामिल रविंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया था कि वह एनआईटी वारंगल से आए हैं। हालांकि एनआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एस शंकर ने शनिवार को पत्र भेजकर जानकारी दी है कि उनके यहां की कोई भी टीम जांच में शामिल नहीं है।

    टोल फ्री होने के बाद एक्सप्रेसवे पर बढ़े वाहन

    रोजाना 10 लाख का घाटा एक्सप्रेसवे प्रबंधन के अनुसार टोल वसूली बंद होने के बाद ज्यादातर वाहन एक्सप्रेसवे से जा रहे हैं और रोजाना लगभग 22 से 25 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका असर कानपुर-लखनऊ हाईवे पर पड़ा है। यहां वाहनों की संख्या घट गई।

    नवाबगंज स्थित टोल प्लाजा के मैनेजर दीपक यादव के अनुसार पांच अगस्त से टोल मुफ्त होने के बाद हाईवे से गुजरने वाले 300 से 1000 वाहन एक्सप्रेसवे पर शिफ्ट हो गए हैं। इससे नवाबगंज टोल प्लाजा में रोजाना लगभग 10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।

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