जहां मंत्रियों ने की थी पदयात्रा, वहीं लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सड़क में आई दरार; मरम्मत शुरू
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर किमी संख्या 45 पर डामर में दरार आने से चौथी बार समस्या खड़ी हो गई है, जिसका मरम्मत कार्य पीएनसी एजेंसी द्वारा शुरू कर दिया ...और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर दरार वाले स्थान का किया जाता मरम्मतीकरण
HighLights
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर किमी 45 पर डामर में दरार।
उद्घाटन के बाद चौथी बार आई सड़क में समस्या।
पीएनसी एजेंसी द्वारा तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जहां निर्माण एजेंसी पीएनसी एक जगह मरम्मत करके फुर्सत पाने की स्थिति में होती है। वही सड़क पर दूसरी समस्या आ जाती है। एक्सप्रेसवे पर अब चौथी बार आई समस्या सड़क के डामर में दरार आ जाने के कारण बनी है।
लखनऊ से उन्नाव लेन पर पड़री गांव के झाऊखेड़ा के पास यह समस्या किमी संख्या 45 पर आई है। जिसे सही कराए जाने का काम निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों ने शुरू करा दिया है। पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर वी कुंडू ने बताया कि छोटे से स्थान पर मार्ग में समस्या आई है।
उस स्थान से लगभग 10 फीट लंबाई व चार फीट चौड़ाई का पुराना डामर हटाकर नई चार अंगुल मोटी परत बिछाई जा रही है। वहीं काेरारी टोल से एक किमी पहले एक्सप्रेसवे पर आई खामी के बाद शुरू कराए गए व्यापक मरम्मतीकरण कार्य को पूरा करते हुए उन्नाव से लखनऊ लेन का पांच किमी रूट डायवर्जन समाप्त कर यातायात के लिए लेन खोल दी गई है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण के बाद इस मार्ग पर 14 जुलाई से शुरू हुए यातायात संचालन के बाद अब तक चौथी बार समस्या आई है। जहां निर्माण एजेंसी मय मशीनरी व इंजीनियरों के मरम्मतीकरण में जुट गई है।
एजेंसी के पीएम ने बताया कि ज्यादा बड़ा काम नही है। बस मार्ग में जहां डामर फटने से दरार आई थी। उसका काम शुरू करा दिया है। दो से तीन घंटे में काम पूरा कर लिए जाने का प्रयास है। बताया कि इस कार्य के लिए कोई डायवर्जन नहीं लिया गया है। वहीं मार्ग पर 45 किमी संख्या में जहां दिक्कत आई है।
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यह वही स्थान है जहां पर 13 जुलाई को सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहुंचकर, मार्ग पर 200 मीटर पैदल चलकर एक्सप्रेसवे लोकार्पण के फीते की गांठ खोली थी। इसके दूसरे दिन 14 जुलाई सुबह आठ बजे से मार्ग पर यातायात शुरू कर दिया गया था। पहले दिन ही मार्ग से लगभग चार हजार वाहन निकले थे।
अब तक मार्ग पर कहां-कहां आई समस्या
एक्स्प्रेसवे मार्ग पर वैसे तो तमाम स्थानों पर सड़क निर्माण में खामी का प्रमाण प्रत्येक किमी पर एक से दो बड़ी पैचिंग दिखना आम बात है। लेकिन मार्ग पर सबसे पहले कोरारी टोल के पास सड़क धंसी, इसके बाद बनी टोल से पहले, इसके बाद बनी टोल के पास सड़क धंसी, यही पर काम होने के दौरान मार्ग धंसने से एक ओवरलोड ट्रक पलट गया। अब चौथी समस्या मार्ग में जर्क के रूप में देखी जा रही है।
सुगम सुरक्षित यातायात के नाम पर महंगा टोल, स्थिति यह
एआई आधारित तकनीकी से 4200 करोड़ रुपये खर्च कर लगभग चार साल में बनाए गए एक्सप्रेसवे पर कानपुर से लखनऊ का सफर मात्र 35 से 45 मिनट में पूरा करने के दावे को आधार बनाकर अब तक के बने नवीन मार्गों के सापेक्ष सबसे अधिक टोल वसूली ने भी यातायात में वाहन सवारों की चिंता नहीं बढ़ाई थी, लेकिन अब आए दिन मार्ग पर खामियों को देखते हुए वाहन सवार भी सवाल उठाने लगे हैं।
लखनऊ से आजाद मार्ग तक सफर करके आए शहर के गांधी नगर निवासी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि अब तो मार्ग पर 120 की गति तक जाने की हिम्मत नहीं होती है। इसका कारण है कि कहीं न कहीं मार्ग धंसने के बाद एजेंसी अपनी बड़ी मशीनों व कर्मचारियों के साथ काम करते देखी जाती है। इसलिए लखनऊ का सफर अब इस मार्ग से भी 55 मिनट में पूरा हुआ है।