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    उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने से पलटा ट्रक, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 06:15 AM (IST)

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर संचालन के बाद से ही खामियां सामने आ रही हैं, जहां गुरुवार को उन्नाव से लखनऊ लेन पर सड़क धंसने से एक ओवरलोड ट्रक पलट गया। ...और पढ़ें

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव लखनऊ लेन पर कोरारी टोल से आगे किमी संख्या 30.7 पर चल रहा वृहद कार्य के दौरान एक-एक कर निकाले जाते बड़े वाहन और पलटा ट्रक

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव लखनऊ लेन पर कोरारी टोल से आगे किमी संख्या 30.7 पर चल रहा वृहद कार्य के दौरान एक-एक कर निकाले जाते बड़े वाहन और पलटा ट्रक

    HighLights

    1. उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिर धंसी सड़क।

    2. सड़क धंसने से ओवरलोड ट्रक पलटा, बड़ा हादसा टला।

    3. किमी 30.7 पर 5 किमी तक यातायात एक लेन पर।

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। लोकार्पण से पहले जो लखनऊ-कानपुर अपनी उत्कृष्ट मार्ग गुणवत्ता, सुविधाओं व तकनीकी के कारण सुर्खियों में रहा। 4200 करोड़ से बना वही एक्सप्रेसवे संचालन के बाद से अब तार-तार हो रहे मार्ग निर्माण में तमाम खामियों व गुणवत्ताहीन कार्य के कारण वाहन चालकों के लिए खतरे व समस्या का कारण बनते हुए चर्चाओं में हैं।

    14 जुलाई से शुरू हुए संचालन के बाद गुरुवार को यह तीसरा घटनाक्रम रहा जब मार्ग धंस गया। गुरुवार को उन्नाव से लखनऊ की लेन पर बनी टोल से दो किमी पहले मार्ग की पर डामरीकृत क्षेत्र से थोड़ा सा बाहर जाते ही एक ओवरलोड ट्रक पलट गया।

    गनीमत रही कि कोई बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। वहीं ट्रक पलटने के बाद आनन-फानन निर्माण एजेसी, पेट्रोलिंग वाहन व रिकवरी यान सक्रिय हुए। जिसके बाद पलटे ट्रक को उठाकर सीधा करने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं बुधवार को इसी लेन पर कोरारी टोल से एक किमी आगे लखनऊ की ओर किमी संख्या 30.7 पर आई सड़क धंसने की खामी ने व्यापक रूप ले लिया था।

    जिसके कारण निर्माण एजेसी को यहां से आगे पांच किमी तक इस लेन पर आवागमन रोकना पड़ा। जिसके बाद उन्नाव से लखनऊ व लखनऊ से उन्नाव आवागमन कर रहे वाहन लखनऊ से उन्नाव वाली एक ही लेन पर इस पांच किमी क्षेत्र में निकाले जा रहे हैं।

    किमी संख्या 30.7 किमी पर निर्माण एजेंसी 100 मीटर दायरे तक मार्ग को पूरी तरह से खोदकर यहां नए सिरे से काम करवा रही है। निर्माण एजेंसी के इंजीनियर सत्या ने बताया कि धंसने वाले स्थान से पुरानी डामर की परत के अलावा नीचे डाली गई बिटुमिंस भी हटवा दी गई है।

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    इसलिए मार्ग पर मिट्टी दिख रही है। बताया कि यहां पर मार्ग पूरी तरह मजबूत बनाए जाने के लिए वृहद कार्य करवाया जा रहा है। एनएचएआइ के प्रोजेक्ट मैनेजर वी कुंडू ने बताया कि इस स्थान पर काम ज्यादा है। कार्य के दौरान वाहन निकलने से बाधा आएगी। इसलिए इस लेन पर पांच किमी तक यातायात रोक दिया गया है। जिसके बाद उन्नाव व लखनऊ की ओर से आ रहे वाहन इसी स्थान से पांच किमी आगे हमारे दिए गए वैध कट से निकल रहे हैं।

    कुंडू ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर प्रत्येक पांच किमी बाद यह कट बनवाए गए है। वैसे तो यह कट यहां लगाई गई ग्रिल के कारण बंद रहते है। लेकिन इमरजेंसी में हम इनको खोलकर यातायात सुचारू रख सकते हैं। वहीं बनी टोल से दो किमी पहले उन्नाव-लखनऊ लेन की सड़क किनारे पलटे ट्रक को उठाने व हटवाने का काम किया जा रहा है। कुंडू के अनुसार जहां ट्रक पलटा है।

    उस स्थान पर मार्ग का डामरीकरण नहीं किया गया है। भविष्य में एक्सप्रेसवे छह से आठ लेन किए जाने पर हम इसी स्थान का प्रयोग करेंगे। लेकिन फिलहाल यहां पर गिट्टी डालकर छोड़ा गया है। यह स्थान एक्सप्रेसवे की दोनों लेन पर है। जहां पर ट्रक जाने से बरसात के कारण मुलायम हुई मिट्टी दब गई और ओवरलोड ट्रक पलट गया।

    ट्रक पलटने से यहां पर भी किमी संख्या 25 पर सड़क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुई है। जिसे एजेंसी ने सही करवा देने का दावा किया है। 30.7 किमी पर मार्ग मरम्मतीकरण पूर्ण होने तक वाहनों को उक्त एक ही लेन से सफर करना होगा। एजेंसी के इंजीनियरों का दावा है कि प्रयास है कि गुरुवार को काम पूरा करवा दिया जाए। जिससे पांच किमी तक एक ही लेन से निकलने वाली समस्या समाप्त की जा सके।

    जागरण ने 22 जुलाई को प्रकाशित खबर में बताया था कहां-कहां खामियां

    • कानपुर लखनऊ लेन हल्की बारिश में ही डिवाइडर के किनारे धंसने लगा। कोरारी कला इंटर चेंज से चढ़ते ही जैसे आगे बढ़ते हैं डिवाइडर के किनारे रोड धंस रही है। यह स्थिति कही कम तो कही ज्यादा है।
    • हर किमी पर दो से तीन जगहों पर पैच वर्क होने से मार्ग ऊंचा नीचा हो रहा है। जिससे वाहनों को सुगम व आरामदायक सफर के बजाय उछाल दे रहा है। 54वें किमी पर पांच किमी तक रोड ऊंची नीची पैचिंग युक्त है अभी से गिट्टी सड़क पर दिखने लगी।
    • हर पुल व पुलिया के प्रत्येक एक्सपेंशन ज्वाइंट पर इस तरह बने हैं कि इन पर वाहन पहुंचते ही धड़ की आवाज के साथ उछाल आती है।
    • मार्ग पर 64.4, 61.2, 59.2, 49.7 43.7, 40, 38.4, 36, 33,30, 29.6 आदि किमी संख्या पर 57 जगह सड़क से ऊपर नई पैचिंग की गईं। बावजूद इन स्थानों पर वाहन में जर्क की स्थिति बनती है।
    • बनी टोल से एक किमी पहले उन्नाव से लखनऊ लेन पर 28.6 किमी पर आठ फीट लंबाई व एक फुट गहराई में सड़क धंसी। जिसको एजेंसी ने चार दिन पहले सही करवाने का दावा किया है।
    • पुल पर सड़क दबने की स्थिति जगह-जगह भरा बरसात का पानी बताता है।
    • अवैध रूप से भारी वाहनों की पार्किंग, बाइक सवार, ग्रामीण व मवेशी आदि की मौजूदगी


    जहां हो रहा मरम्मतीकरण वहीं पलटा ट्रक

    बनी टोल से पहले मार्ग धंसने के बाद यहां मरम्मतीकरण का कार्य चालू है। मार्ग पर मरम्मत होने के कारण बुधवार शाम बगल से निकल रहे ट्रक को पक्के मार्ग से हटकर गिट्टी वाले स्थान पर उतरना पड़ा, जिससे नीचे की मिट्टी दब गई और ट्रक पलट गया।

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