यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बैंक से निकालेंगे अधिक रकम तो भरना पड़ेगा यह फार्म, आप भी जान लें बदले हुए नियम को
Varanasi news अगर आप बैंक से अधिक रकम निकालने जा रहे हैं तो जान लीजिए कि बैंक से निकालेंगे अधिक रकम तो भरना पड़ेगा एक ऐसा फार्म जिसमें तमाम आपक ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी। अब बुजुर्गों को लूटने या ठगने के मामलों में ही नहीं बल्कि समाज में पैसों को लेकर होने वाली धोखाधड़ी व बैंक से पैसे निकालने के बाद होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने की तैयारी है। अब बैंक से अधिक रकम निकालने वाले विशेष फार्म भरकर खुद को सुरक्षित मान सकते हैं। इस बाबत फार्म में दी जाएगी साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने संबंधी जानकारी भी लोगों के काम आएगी। इस बाबत साइबर अपराध पर लगाम के लिए पुलिस कमिश्नर ने आदेश भी जारी कर दिया है।
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बैंक से अधिक रकम निकालने वाले विशेष फार्म भरेंगे। इसमें साइबर धोखाधड़ी से सतर्क रहने संबंधी जानकारी दी जाएगी। यह आदेश पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को साइबर सेल तथा साइबर थाना की समीक्षा बैठक में दी। उन्होंने साइबर ठगों के निशाने पर रहने वाले 35 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को विशेष रूप से जनचौपाल लगाकर साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए कहा।
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पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि हर गुरुवार को साइबर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया जाए। यह थाना स्तर पर, स्कूलों, गांवों, सार्वजनिक स्थलों एवं विभिन्न सामाजिक संस्थानों में चलाए जाएंगे। सभी थाने में स्थापित साइबर हेल्प डेस्क की सप्ताह में एक बार गोष्ठी आयोजित की जाए। इसके माध्यम से क्षेत्रीय नागरिकों को साइबर अपराध के प्रकार, उससे बचाव एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। साइबर अवेयरनेस कार्यक्रमों में विशेषकर प्रोफेसर, डाक्टर, अध्यापक, पेन्शनर्स, ग्रामीण, किसानों को समझने योग आडियो-विजुयल माध्यम से जागरूक किया जाएगा।
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पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिया कि साइबर अपराध की एफआइआर दर्ज कराने के लिए अब धनराशि की कोई न्यूनतम सीमा नहीं होगी। अपने विवेक के अनुसार थाना प्रभारी साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने काल सेंटर आधारित साइबर अपराधों की गहराई से जांच करने और संगठित गैंग की जानकारी जुटाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड के संबंध में जहां से खरीदा गया उस स्थान की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की जाए। वाराणसी से चयनित दो साइबर कमांडो को लखनऊ मुख्यालय में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जो साइबर अपराध के खिलाफ विशेष अभियान में सहायक होंगे। बैठक में डीसीपी क्राइम सरवणन टी, एडीसीपी नीतू, एसीपी विदुष सक्सेना रहे।