वाराणसी में खतरा निशान से आधा मीटर नीचे रह जाने के बाद अब घटने लगा गंगा का जलस्तर, दुश्वारियां फिर भी कायम
वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे आने के बाद अब घटने लगा है, लेकिन ...और पढ़ें

वाराणसी में गंगा का जलस्तर घटा, फिर भी बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त।
HighLights
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से आधा मीटर नीचे आया।
जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ से उत्पन्न दुश्वारियां बरकरार हैं।
जनप्रतिनिधि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत के निर्देश।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। चेतावनी बिंदु को पार करने के बाद खतरे के निशान से महज आधा मीटर नीचे रह गया गंगा का जलस्तर अब घटाव की ओर है। शुक्रवार को इसमेें सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक आठ घंटों में छह सेमी की गिरावट आई। बावजूद इसके दुश्वारियां बढ़ती ही जा रही हैं। बाढ़ का पानी फैलने से लोगों का संकट बढ़ता जा रहा है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की सुबह आठ बजे 70.66 मीटर रहा जलस्तर दोपहर दो बजे 70.62 मीटर तो शाम के चार बजे 70.60 मीटर आ गया है। यानी जलस्तर में एक सेमी प्रति घंटा की गिरावट शुरू हो गई है। राजघाट में चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर, खतरे का निशान 71.26 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 73.90 मीटर है।
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गंगा घट रही है, लेकिन 84 में से अधिकतर घाट अब भी जलमग्न हैं, नाव संचालन बंद होने से नाविकों, तीर्थ पुरोहितों और घाट किनारे फूल-माला, चाय-पान बेचने वालों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। गंगा के दबाव से वरुणा नदी में भी पानी बढ़ा है, जिससे सारनाथ क्षेत्र के दर्जनों घरों में पानी घुस गया है और एक हजार से अधिक लोगों बाढ़ राहत शिविरों में शरण ली है। इधर प्राचीन दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा मंदिर की चौखट तक पानी पहुंचने से मंदिर बंद कर दिया गया है, अगर फिर से बढ़ाव हुआ तो दशाश्वमेध इलाके की सड़कों पर पानी आ सकता है।
बनारस में बाढ़ के संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल पूछे जाने के बाद अन्य जनप्रतिनिधि भी सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को भी महापौर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने मोेटरबोट से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया और बाढ़ के हालात देखते हुए लोगों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया तो उधर अजगरा विधायक त्रिभुवन राम ने भी अपने क्षेत्र में गंगा और गोमती की बाढ़ से पीड़ित क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से भेंट की। ग्रामीणों ने उन्हें समस्याएं बताईं और सहायता की गुहार लगाई।
