वाराणसी में गंगा के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी, नावों के संचालन पर रोक
वाराणसी में गंगा में तेज लहरों और हवा के कारण गुरुवार को करीब छह घंटे तक नावों का संचालन बंद रहा, जिसे शाम को बहाल किया गया। गंगा का जलस्तर भी लगातार ...और पढ़ें
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गंगा में तेज लहरों के चलते छह घंटे ठप रहा नावों का संचालन।
HighLights
तेज लहरों और हवा से वाराणसी में नाव संचालन ठप।
गंगा का जलस्तर 15 सेमी बढ़कर 61.84 मीटर हुआ।
जल पुलिस ने नाविकों को सुरक्षा नियमों की चेतावनी दी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा में उठती तेज लहरों और हवा के अचानक बदले रुख के कारण गुरुवार को करीब छह घंटे तक नावों का संचालन पूरी तरह ठप रहा। यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए जल पुलिस ने एहतियातन सुबह 11 बजे से ही नौका संचालन पर रोक लगा दी थी। बाद में स्थिति सामान्य होने पर शाम पांच बजे नावों का आवागमन पुनः बहाल कर दिया गया।
जल प्रभारी सुधीर त्रिपाठी ने बताया कि नदी में तेज हवा के चलते लहरें काफी उग्र हो गई थीं। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से यह कदम उठाए गए थे। एक तरफ जहां तेज लहरों ने नाविकों और पर्यटकों की बेचैनी बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
केंद्रीय जल आयोग मिडिल गंगा डिवीजन के अनुसार, गंगा का जलस्तर बढ़कर 61.84 मीटर पहुंच गया है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 15 सेंटीमीटर का इजाफा हुआ है।
बता दें कि चेतावनी स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश के कारण जलस्तर में बढ़त जारी है।
दोबारा उठाए जा सकते हैं यह कदम
जल पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जलस्तर में हो रही वृद्धि और अचानक बदल रहे मौसम को देखते हुए सभी नाविकों को बिना लाइफ जैकेट यात्रियों को न बैठाने और तय क्षमता से अधिक सवारी न लादने की सख्त चेतावनी दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम दोबारा खराब होता है या जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होती है, तो पुनः कड़े कदम उठाए जाएंगे।