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    वाराणसी में भूजल स्तर की डिजिटल निगरानी, गंगा आधारित आपूर्ति पर जोर

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 08:35 AM (IST)

    केंद्रीय भूमिजल बोर्ड वाराणसी के शिवपुर सीएचसी में भूजल स्तर की निगरानी के लिए डिजिटल वाटर लेवल रिकार्डर लगा रहा है। यह ऑनलाइन सिस्टम 2 किमी के दायरे ...और पढ़ें

    केंद्रीय भूमि जल बोर्ड सीएचसी शिवपुर में 100 व 250 मीटर गहराई में लगा रहा दो मशीनें। जागरण

    केंद्रीय भूमि जल बोर्ड सीएचसी शिवपुर में 100 व 250 मीटर गहराई में लगा रहा दो मशीनें। जागरण

    HighLights

    1. शिवपुर सीएचसी में डिजिटल वाटर लेवल रिकार्डर स्थापित।

    2. केंद्रीय भूमिजल बोर्ड कर रहा भूजल स्तर की निगरानी।

    3. गंगा आधारित पेयजल आपूर्ति प्रणाली विकसित की जा रही।

    ध्यानचंद्र शर्मा, वाराणसी। गिरते भूजल स्तर की निगरानी के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय भूमिजल बोर्ड की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर परिसर में 100 मीटर व 250 मीटर गहराई की बोरिंग करके दो डिजिटल वाटर लेवल रिकार्डर व पीजो मीटर लगाया जा रहा है।

    केंद्रीय भूमि जल बोर्ड के विज्ञानी मुकेश आनंद ने बताया की सीएचसी परिसर में लगने वाला डिजिटल वाटर लेवल रिकार्डर सर्वर से चलने वाला आनलाइन सिस्टम होगा। इसकी मदद से क्षेत्र के करीब दो किलोमीटर के दायरे में भूजल स्तर की निगरानी हो सकेगी।

    उन्होंने बताया की केंद्रीय भूमि जल बोर्ड द्वारा इसके पूर्व जिले में बीएचयू, जलकल परिसर कमच्छा, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर समेत करीब 13 स्थानों पर डिजिटल वाटर लेवल रिकार्डर लगाया जा चुका है। बताया की यहां चल रहा कार्य करीब एक सप्ताह में पूर्ण हो जाएगा।

    वास्तव में पूरा शहर डार्क जोन में है। चोलापुर व बड़ागांव को छोड़ अंचलों की भी स्थिति यही है। इसे देखते हुए भूजल पर निर्भरता खत्म करते हुए गंगा आधारित पेयजल आपूर्ति सिस्टंम विकसित किया जा रहा है। इसके लिए वरुणापार में जलापूर्ति सारनाथ के बरईपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से की जा रही है।

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    इसमें कैथी से पानी आता है और साफ होकर 32 ओवर हेड टैंक के माध्यम से घरों के नलों तक जाता है। यही नहीं अंग्रेजों के जमाने के गंगा आधारित जलापूर्ति सिस्टम को उच्चीकृत करते हुए जलकल परिसर स्थित डब्ल्यूटीपी की क्षमता दो गुनी की है। भदैनी स्थित पंप की क्षमता भी बढ़ाई गई है। प्रयास है भूजल का उपयोग कम से कम किया जा सके।