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    धोती-कुर्ता पहने बटुकों ने खेला क्रिकेट, संस्कृत कमेंट्री से गूंजा वाराणसी

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 08:31 AM (IST)

    काशी में शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 82वें स्थापना दिवस पर संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता हुई। बटुकों ने धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट खेला, जिसकी कमेंट् ...और पढ़ें

    शास्त्रार्थ महाविद्यालय के स्थापनोत्सव के अवसर पर रामापुरा स्थित जयनारायण इंटर कालेज में आयोजित संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता। जागरण

    शास्त्रार्थ महाविद्यालय के स्थापनोत्सव के अवसर पर रामापुरा स्थित जयनारायण इंटर कालेज में आयोजित संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता। जागरण

    HighLights

    1. बटुकों ने धोती-कुर्ता पहनकर क्रिकेट खेला।

    2. पूरे मैच की कमेंट्री संस्कृत में की गई।

    3. स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ ने खिताब जीता।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। रामापुरा स्थित जयनारायण इंटर कालेज के मैदान पर मंगलवार को क्रिकेट का एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। मौका था संस्कृत शिक्षा को समर्पित शास्त्रार्थ महाविद्यालय के 82वें स्थापनोत्सव के अवसर पर आयोजित संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता का। इस आयोजन में शास्त्र, संस्कार और खेल का अद्भुत समन्वय दिखाई दिया।

    जब गेंद गई सीमारेखा के पार, मैदान में गूंजी संस्कृत

    मैच के दौरान हर गेंद, हर चौका और हर छक्का संस्कृत की ओजस्वी भाषा में प्रस्तुत किया गया। दर्शकों के भाव को कमेंटेटरों ने संस्कृत में पिरोया और कहा, धोतीकुर्तायां क्रिकेट्-क्रीडां दृष्ट्वा प्रेक्षकाः मंत्रमुग्धाः अभवन् (धोती-कुर्ता में क्रिकेट खेलते हुए खिलाड़ियों को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए)।

    एकः तेजस्वी पुलशाट् कन्दुकः आकाशमार्गेण गच्छन् सीमारेखातः बहिर्गमनम्। षड् धावनाङ्काः लब्धाः। (एक शानदार पुल शाट और गेंद हवा में उड़ते हुए सीमारेखा के बाहर गई और छह रन मिले)।

    एक बाउंसर पर उद्घोष हुआ कि अग्रिमः कन्दुकः कन्दुक-प्रक्षेपकः एकं उग्र-क्षेपणं ददाति, किन्तु फलकधारकः सज्जः आसीत् (अगली गेंद पर गेंदबाज ने बाउंसर फेंका, लेकिन बल्लेबाज पूरी तरह तैयार था)। पूरे मैच की सजीव कमेंट्री देवभाषा संस्कृत में की गई। संस्कृत व्याकरण के विद्वान डा. शेषनारायण मिश्र और वेदाचार्य विकास दीक्षित ने अपने ओजस्वी उच्चारण से प्रत्येक चौके-छक्के को शास्त्रीय गरिमा प्रदान की।

    रोमांचक मुकाबला, गूंजता रहा संस्कृत का जयघोष

    पहले सेमीफाइनल में स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ ने इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट को आठ विकेट से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में शास्त्रार्थ महाविद्यालय ने चिदानंद संस्कृत विद्यालय को 11 रन से पराजित किया। फाइनल मुकाबले में स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ ने शास्त्रार्थ महाविद्यालय को हराकर खिताब अपने नाम किया।

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    शास्त्रार्थ महाविद्यालय के स्थापनोत्सव के अवसर पर रामापुरा स्थित जयनारायण इंटर कालेज में आयोजित संस्कृत बटुक क्रिकेट प्रतियोगिता। जागरण


     

    पूरे मैच के दौरान मैदान ''जयतु-जयतु भारतम्, जयतु-जयतु संस्कृतम्'' (भारत की जय हो, संस्कृत की जय हो) के जयघोष से गूंजता रहा। दर्शकों ने इस अनूठे संस्कृत क्रिकेट को भारतीय संस्कृति और खेल भावना का जीवंत उदाहरण बताया, जो आज एक नई राष्ट्रीय पहचान बनता जा रहा है।

    धोती-कुर्ता व त्रिपुंड धारण कर उतरे खिलाड़ी

    इस प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि सभी खिलाड़ी धोती-कुर्ता, तिलक और त्रिपुंड धारण कर मैदान में उतरे। आधुनिक क्रिकेट के शाट और पारंपरिक वेशभूषा का यह संगम दर्शकों के लिए अत्यंत आकर्षक रहा। इस प्रतियोगिता में कुल चार टीमों ने भाग लिया। यह टीमें हैं शास्त्रार्थ महाविद्यालय, इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट, स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ और चिदानंद संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय।

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    आयोजन का उद्घाटन राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पूर्व प्राचार्य डा. गणेश दत्त शास्त्री ने किया। कहा, आयोजन का उद्देश्य यह संदेश देना है कि संस्कृत के विद्यार्थी केवल वेदपाठी बटुक ही नहीं, बल्कि खेल, अनुशासन और प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में भी समान रूप से सक्षम हैं। बटुकों के एक हाथ में वेद की पुस्तक है तो दूसरे हाथ में बल्ला-गेंद भी।

    मुख्य अतिथि विधायक सौरभ श्रीवास्तव व विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उत्साहवर्धन किया। संयोजक महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पवन शुक्ला ने बताया कि प्रतियोगिता आठ-आठ ओवर के प्रारूप में आयोजित की गई। विजेता टीम को 30 जनवरी को महाविद्यालय परिसर में सम्मानित किया जाएगा। मैच में अंपायर की भूमिका रणजी ट्राफी स्तर के पूर्व खिलाड़ी धीरज मिश्रा और संजीव कुमार तिवारी ने निभाई।