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वाराणसी के गांवों में जल जमाव से मुक्ति व भूगर्भ जल को संजीवनी दे रहा रिचार्ज पिट, अब बनेगा मॉडल

Published: Fri, 16 Jan 2026 09:23 AM (IST)

वाराणसी में खराब ड्रेनेज सिस्टम से जलभराव की समस्या खत्म करने की उम्मीद जगी है। पिछले दो साल से प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

केंद्र सरकार 24 जनवरी को वाराणसी मॉडल का करेगी प्रदर्शन। जागरण

केंद्र सरकार 24 जनवरी को वाराणसी मॉडल का करेगी प्रदर्शन। जागरण

HighLights

  1. एआई आधारित ड्रेनेज प्लान से जलभराव की समस्या का समाधान।

  2. वाराणसी के गांवों में 86 रिचार्ज, 8000 से अधिक सोक पिट।

  3. भूगर्भ जल स्तर सुधारने में सहायक, राष्ट्रीय मॉडल बनेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। गांव व शहर में खराब ड्रेनेज सिस्टम के कारण जलभराव जैसी समस्याओं से अब निजात मिलने की उम्मीद है। इस दिशा में बनारस में पिछले दो साल से कार्य हो रहा है। अब प्रधानमंत्री के संसदीय गांवों में अब तक हुए कार्य को मॉडल के रूप में रखते हुए पूरे देश में प्रभावी करने की तैयारी है।

इसी क्रम में पंचायतीराज मंत्रालय ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से समाधान के प्रयास में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। निजी संस्था डीप मैट्रिक्स से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों के माध्यम से वाराणसी में प्रधानमंत्री की ओर से गोद लिए सात ग्राम पंचायतों ने एआई आधारित ड्रेनेज नेटवर्क प्लान तैयार कराया है।

केंद्र सरकार 24 जनवरी को वाराणसी में इन मॉडल का प्रदर्शन करने जा रही है ताकि अगले बरसात तक इसे धरातल पर उतारा जा सके। जिले में प्रधानमंत्री के संसदीय गांव समेत पूरे जिले में ग्राम पंचायतों में अब तक 86 रिचार्ज पिट व लगभग आठ हजार से अधिक सोक पिट का निर्माण हुआ है।

बकायदा ड्रोन सर्वे के जरिए जल जमाव वाली स्थिति की पहले पहचान की गई। इसमें गांव के खेत, खेल मैदान, स्कूल समेत अन्य स्थल शामिल रहे। इसके बाद इन स्थानों पर सोक पिट का निर्माण कराया गया। लगभग तीन गुणे पांच, चार गुणे छह फीट के चौकोर गड्ढे खोेदे गए।

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इसमें कंक्रीट समेत मैटरियल डाले गए ताकि जल शोधित होकर भूगर्भ जल तक पहुंच सके। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य यह भी था कि भूगर्भ जल का स्टेटा ठीक हो सके। इसी प्रकार गांवों में आठ हजार से अधिक हैंडपंप स्थल पर सोक पिट का निर्माण कराया गया।

इसको भी तकनीकी ढंग से संवारा गया। इस कार्य में भूगर्भ जल विभाग समेत अन्य पंचायती राज विभाग की तकनीकी टीम को भी शामिल किया गया। इस टीम की मदद से सोक पिट निर्माण किया गया। अब इन गांवों में पानी इधर उधर फैला नहीं दिखता। खुली नाली की भी जरूरत नहीं होती है। अब इसी माडल अपग्रेड आगे प्रभावी करने की तैयारी है।


जनपद के ग्राम पंचायतों में जल निकासी को लेकर बहुत काम हुआ है। जिले में 24 जनवरी को वाराणसी माडल का प्रदर्शन होने जा रहा है। पूर्व में हुए कार्यों में और भी बहुत कुछ जुड़ेगा।

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-हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त

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