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    यूपी में आते-आते आख‍िर कहां फ‍िर से अटक गया है मानसून? मौसम व‍िभाग ने बता दी वर्तमान स्‍थ‍ित‍ि

    By Abhishek sharmaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 24 Jun 2026 06:09 PM (GMT+05:30)

    पूर्वांचल की दहलीज पर मानसून अटका हुआ है, जिससे बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के रास्ते होते हुए भी उत्तर प्रदेश में प्रवेश में देरी हो रही है। लू औ ...और पढ़ें

    उत्तर प्रदेश में मानसून की वर्तमान स्थिति जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत।

    उत्तर प्रदेश में मानसून की वर्तमान स्थिति जानें कब मिलेगी गर्मी से राहत।

    HighLights

    1. मानसून पूर्वांचल की दहलीज पर अटका, देरी जारी।

    2. उत्तर प्रदेश में 27 जून तक लू, हीटवेव का प्रकोप।

    3. 28 जून से बारिश का नया दौर, मानसून सक्रिय होगा।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। ब‍िहार, छत्‍तीसगढ़ और मध्‍य प्रदेश के रास्‍ते होते हुए मानसून अब पूर्वांचल की दहलीज पर सोनभद्र की सीमा के करीब और बल‍िया-ब‍िहार की सीमा में फंसा हुआ है। मानसून के आगमन के पूर्व प्री मानसूनी हालात पूरी तरह सक्र‍िय हैं और लू के साथ ही हीट वेव का दौर भी पर्याप्‍त लोकल हीट‍िंंग के हालात बनाए हुए है, बस मानसून ही है क‍ि यूपी में आने मे आनाकानी के मूड में है। 

    दरअसल मानसून यूपी में पूर्व में सासाराम को पार कर बल‍िया की दहलीज पर है तो दक्ष‍िण में स‍िंंगरौली के करीब तक मानसून सोनभद्र ज‍िले के पास तक आ चुका है। जबक‍ि पूर्वांचल बुरी तरह से अब भी तप रहा है। ताप का असर ऐसा है क‍ि अप्रैल मई और मध्‍य जून की यादें ताजा हो जा रही हैं जबक‍ि अब द‍िन भी छोटा होना शुरू हो चुका है।

    वहीं बीस जून तक पूर्वांचल में सक्र‍िय होने वाला मानसून चार द‍िन से छका रहा है। जबकि‍ गर्मी में पसीना फेंकते लोग आसमान की ओर टकटकी लगाए न‍ि‍हार रहे हैं क‍ि आख‍िर मानसून कहां रह गया है। हालांक‍ि मौसम व‍िभाग ने अनुमान जताया है क‍ि मानसून जल्‍द ही पूर्वांचल के बाकी ज‍िलों की ओर रुख करेगा। इस सप्‍ताह के आख‍िर तक मानसून यूपी में पर्याप्‍त दस्‍तक के साथ पूर्वांचल में अपना असर भी द‍िखा सकता है। 

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    मौसम व‍िभाग की ओर से जारी र‍िपोर्ट के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में उष्ण लहर (लू) का दौर जारी है। जून के अंतिम चरण में प्रदेश में मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मौसमी गतिविधियों की कमी के कारण बांदा देश का सबसे गर्म शहर बना हुआ है। इसके साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों जैसे फतेहपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, सुल्तानपुर, खीरी लखीमपुर और बहराइच भी उष्ण लहर (लू) की चपेट में रहे हैं।

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    प्रदेश में मौसमी गतिविधियों की अनुपस्थिति के कारण तापमान में मामूली वृद्धि देखी जा रही है। आगामी 27 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर ऊष्ण लहर (लू) की स्थितियाँ जारी रहने की संभावना है। इसके बाद, 28 जून से प्रदेश में वर्षा का एक नया दौर आरंभ होने की संभावना है, जिससे दक्षिण पश्चिम मानसून के उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।

    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में मानसून की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव की उम्मीद है। मानसून के आगमन से पहले, प्रदेश में गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। इस समय, लोगों को गर्मी से राहत पाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगमन से न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि कृषि के लिए भी यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। बारिश के साथ, किसानों को अपनी फसलों के लिए आवश्यक जल प्राप्त होगा, जो उनकी उपज को बढ़ाने में सहायक होगा।

    मानसून के आगमन में देरी से किसानों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई किसान अपने खेतों में बुवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन बारिश की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने फसलों की देखभाल करें और मौसम के बदलाव पर नजर रखें।

    उत्तर प्रदेश में मानसून की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना से उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश में मौसम में सुधार होगा। सभी की नजरें अब मानसून के आगमन पर टिकी हुई हैं, जिससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

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