Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    अल्मोड़ा के द्वाराहाट बहुद्देशीय शिविर में कांग्रेस-भाजपा का सियासी घमासान, घंटों चला हंगामा

    By Deep Bora Edited By: Sunil Negi
    Updated: Mon, 22 Jun 2026 06:14 PM (IST)

    द्वाराहाट में केंद्र सरकार के 'बारह साल बेमिसाल' कार्यक्रम के तहत लगे बहुद्देशीय शिविर में कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विधायक मदन सिंह ...और पढ़ें

    ब्लाक मुख्यालय द्वाराहाट में लगे बहुद्देश्यीय शिविर में कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट व भाजपा नेता अनिल साही के बीच तकरार बढ़ी तो सीडीओ रामजी शरण (बीच में) मामला शांत कराने उतरे। जागरण

    ब्लाक मुख्यालय द्वाराहाट में लगे बहुद्देश्यीय शिविर में कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट व भाजपा नेता अनिल साही के बीच तकरार बढ़ी तो सीडीओ रामजी शरण (बीच में) मामला शांत कराने उतरे। जागरण

    HighLights

    1. द्वाराहाट बहुद्देशीय शिविर बना राजनीतिक अखाड़ा

    2. कांग्रेस विधायक ने सरकार पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

    3. भाजपा सदस्यों ने विधायक के आरोपों का किया खंडन

    संवाद सहयोगी, द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। केंद्र सरकार के 12 साल बेमिसाल कार्यक्रम के तहत लगे बहुद्देशीय शिविर का मंच कांग्रेस व भाजपा का सियासी अखाड़ा बन गया। घंटों खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट ने केंद्र व राज्य सरकार पर योजनाओं में धन की कटौती और दुरुपयोग का आरोप लगाया।

    पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल शाही को सरकार की खिंचाई चुभी तो विधायक मदन पर कमीशनबाजी का आरोप लगा दिया पलटवार करते हुए मदन सिंह ने शाही को दलाल बता डाला।

    वहीं, ब्लाक प्रमुख डा. आरती किरौला ने मंच पर भाजपा जिलाध्यक्ष व अन्य कार्यकर्ताओं के बैठने पर सवाल उठाए। कहा कि सरकारी शिविर को भाजपाई कार्यक्रम कैसे बनाया जा सकता है। हंगामा बढ़ने पर सीडीओ रामजी शरण शर्मा सत्तापक्ष व विपक्ष को शांत कराने में जुटे रहे।

    ब्लाक मुख्यालय में सोमवार को बहुद्देशीय शिविर लगा। जनसमस्याओं की सुनवाई के दौरान पलायन निवारण आयोग सदस्य अनिल शाही व भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट को मंच पर बुलाकर स्वागत हुआ। कुछ ही बाद विधायक मदन सिंह बिष्ट अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे।

    चिरपरिचित अंदाज में विधायक ने मंच संभालते ही भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। कहा कि जल जीवन मिशन समेत सभी बड़ी योजनाओं में घोटाले हो रहे हैं। जनता पानी के लिए तरस रही है। मल्ली मिरई बग्वालीपोखर सहित अन्य सड़कों की दुर्दशा पर भी उन्होंने भ्रष्टाचार के कड़े शब्दों का प्रयोग कर आरोप लगाए।

    खबरें और भी

    इस पर भाजपा के अनिल शाही ने प्रतिवाद किया तो मामला व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गया। बवंडर के बीच जनसमस्याओं के समाधान को लगे शिविर में फरियादी दर्शक बने खड़े रह गए।

    केंद्र और राज्य सरकारों की सभी योजनाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जलजीवन मिशन की सभी योजनाएं आधी अधूरी हैं। ठेकेदारों का भुगतान नहीं होने पर कई योजनाएं तो शुरू ही नहीं हो सकी हैं। जिससे आम जनता परेशान है। योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ तो सरकार की ओर से प्रचार के लिए लगाए गए सभी बोर्डों पर कालिख पोती जाएगी। जनता के साथ छल बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
    - मदन सिंह बिष्ट, विधायक द्वाराहाट

    विधायक हर मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। जिसे भाजपा कार्यकर्ता कैसे बर्दास्त करेंगे। चुने हुए प्रतिनिधि के मुंह से सार्वजनिक मंचों पर गाली-गलोज करना अशोभनीय है।
    -अनिल शाही, सदस्य पलायन निवारण आयोग

    सरकार की ओर से लगाए गए शिविरों का राजनीतीकरण करना दुर्भाग्यपूर्ण है। आज लगे शिविर में भाजपा कार्यकर्ताओं को मंच देकर उनका स्वागत करवाया गया। जो कि सर्वथा अनुचित और नियमों का उल्लंघन है।
    - डा. आरती किरौला, ब्लाक प्रमुख

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के बारह वर्ष पूर्ण होने पर शिविर आयोजित किए गए हैं। ऐसे में यह कार्यक्रम हमारा है और मंच पर हमारी उपस्थिति होना स्वाभाविक है।

    - घनश्याम भट्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा

    बुनियादी मुद्दे जोर-शोर से उठे

    बहुद्देशीय शिविर में विभिन्न विभागों ने अपने स्टाल लगाए थे। इस दौरान पेयजल, लोनिवि, पीएमजीएसवाइ, कृषि, समाज कल्याण, स्वास्थ्य आदि से सम्बंधित शिकायतें दर्ज हुईं। कुछ मौके पर निस्तारित की गई। सीडीओ रामजी ने जनसमस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश दिए। मौके पर एसडीएम सुनील कुमार राज, तहसीलदार तितीक्षा जोशी, बीडीओ निवेदिता खुल्बे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

    यह भी पढ़ें- केतन लाल हत्याकांड पर अल्मोड़ा में भारी आक्रोश, उपपा ने न्याय के लिए किया प्रदर्शन

    यह भी पढ़ें- अल्मोड़ा में सीएमओ पद पर 3 दिन में 2 बार बदलाव, उठे प्रशासनिक सवाल