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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जिलाध्यक्षों की सूची से क्षुब्ध कुंजवाल न्याय को पहुंचे ईष्ट देवताओं के द्वार

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Mon, 13 Aug 2018 03:29 PM (IST)

    पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल ने भगवान के दरबार में नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने और उनके प्रति हो रही साजिशों को नाकाम करने की प्रार्थना की है। ...और पढ़ें

    जिलाध्यक्षों की सूची से क्षुब्ध कुंजवाल न्याय को पहुंचे ईष्ट देवताओं के द्वार
    जिलाध्यक्षों की सूची से क्षुब्ध कुंजवाल न्याय को पहुंचे ईष्ट देवताओं के द्वार

    अल्मोड़ा, [रमेश जड़ौत]: कांग्रेस संगठन में आए सियासी भूचाल और लगातार हो रही बयानबाजी से क्षुब्ध पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने अब न्याय के लिए कुमाऊं के ईष्ट देवताओं की शरण ली है। उन्होंने भगवान के दरबार में नैतिक मूल्यों को बरकरार रखने और उनके प्रति हो रही साजिशों को नाकाम करने की प्रार्थना की है। 

    कांग्रेस संगठन द्वारा प्रदेश के नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी करने के बाद से ही कांग्रेस संगठन में सियासी भूचाल पैदा हो गया था। हालांकि, स्वयं कुंजवाल ने संगठन के इस निर्णय पर आपत्ति व्यक्त की थी। लेकिन इस मामले को लेकर हो रही सियासत से अब वह स्वयं आहत हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, इसमें किसी प्रकार की सियासत के लिए कोई स्थान नहीं है। 

    कुंजवाल ने इस मामले में हो रही राजनीति के बाद अब चितई गोल्ज्यू, जागेश्वर धाम और झांकरसैम मंदिर की शरण ली है। कुंजवाल ने यहां भगवान से न्याय और इस राजनीतिक घटनाक्रम को पैदा करने वाले षड़यंत्रकारियों को सद्बुद्धि देने की गुहार लगाई है। कुंजवाल ने कहा है कि वह अपने जीवन में निजी स्वार्थों, आपसी बैर और वैमनस्य से अपने आप को दूर रखते आए हैं। समाज के लिए उन्हें जो बेहतर लगा उन्होंने करने का प्रयास किया। 

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