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    संरक्षण के साथ संवर्धन: अल्मोड़ा के मल्ला महल में दिखेगी कुमाऊं की संस्कृति

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 10:10 PM (IST)

    अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल का संरक्षण और विकास तेजी से हो रहा है। संस्कृति विभाग इसकी देखरेख कर रहा है, जबकि पर्यटन विभाग ने सौंदर्यीकरण पर 11 करो ...और पढ़ें

    अल्मोड़ा का ऐतिहासिक मल्ला महल।

    अल्मोड़ा का ऐतिहासिक मल्ला महल। 

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    हेमंत बिष्ट,अल्मोड़ा। चंद शासकों की विरासत रही अल्मोड़ा के ऐतिहासिक मल्ला महल को अब संरक्षित, संजोने और संवारने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।

    लंबे समय से उपेक्षित इस धरोहर को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जा रहा है, ताकि इसे पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

    मल्ला महल के संरक्षण और देखरेख की जिम्मेदारी अब संस्कृति विभाग को सौंप दी गई है, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखा जा सके।

    पर्यटन विभाग द्वारा इसके सौंदर्यीकरण पर करीब 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, जिला प्रशासन ने लगभग दो करोड़ रुपये की लागत से यहां आधुनिक लेजर लाइट शो प्रोजेक्टर प्रणाली स्थापित की है।

    इसके माध्यम से पर्यटक मल्ला महल के इतिहास, कुमाऊं की संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हो सकेंगे।

    संस्कृति विभाग की ओर से यहां टिकट व्यवस्था भी लागू की गई है, जिसका शुल्क वर्तमान में 10 रुपये निर्धारित किया गया है।

    प्रतिदिन 50 से अधिक पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। भ्रमण के लिए निर्धारित समय भी तय किया गया है, जिससे पर्यटक को इस ऐतिहासिक धरोहर को देखने का अवसर मिल सके।

    इस पहल से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। मल्ला महल परिसर को तीन भागों में बांटा गया है। जो रानी महल, मल्ला महल और राम-सीता मंदिर शामिल है।

    लोक विरासत संग्रहालय में सहेजी जाएगी पुरानी धरोहर

    संस्कृति विभाग की ओर से मल्ला महल में लोक विरासत संग्रहालय तैयार किया जा रहा है। इसमें पांडुलिपियां, लकड़ी के पारंपरिक बर्तन, धातु निर्मित ताम्रपत्र, सिक्के और आभूषण जैसे ऐतिहासिक वस्तुओं को संरक्षित किया जाएगा।

    आम लोगों के पास सुरक्षित पुरानी धरोहरों को भी यहां स्थान दिया जाएगा, जिसमें दानदाताओं का नाम अंकित किया जाएगा और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।

    खंडित मूर्तियां भी बढ़ाएंगी संग्रहालय की शोभा

    विभिन्न मंदिरों में वर्षों से सुरक्षित खंडित मूर्तियों को भी संग्रहालय में रखा जाएगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इनकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को जान सकेंगे।
    पर्यटकों और शोधार्थियों को मिलेगा लाभ लोक विरासत संग्रहालय के विकसित होने से पर्यटकों और शोधार्थियों को स्थानीय इतिहास को समझने का बेहतर अवसर मिलेगा, जिससे शोध कार्यों में भी सहायता मिलेगी।

    जल्द होगा पटाल बाजार का सौंदर्यीकरण

    ऐतिहासिक पटाल बाज़ार के सौंदर्यीकरण कार्य अब भी अधर में अटका है। विभागों की बनी तकनीकी जांच कमेटी के कारण मामला लटका पड़ा है। जल्द ही इस पर कार्य किया जाएगा।

    मल्ला महल में लोक विरासत संग्रहालय को संजोने का कार्य जारी है। कार्य पूर्ण होने के बाद अल्मोड़ा की समृद्ध संस्कृति को जानने का बेहतर अवसर मिलेगा।

    डा. चंद्र सिंह चौहान, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, अल्मोड़ा

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