विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में बाघों के हमलों से मौतों पर ग्रामीणों में उबाल, हाईवे पर सांकेतिक जाम

Published: Wed, 05 Aug 2026 04:24 PM (IST)

कार्बेट टाइगर रिजर्व से सटे डभरा सौराल में बाघ के हमले में नवविवाहिता शालू देवी की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया।

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, सल्ट कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) से लगे डभरा सौराल में बाघ के हमले में नवविवाहिता शालू देवी की मौत पर गुस्सा बरकरार है। क्षेत्र में चरम पार कर चुके मानव वन्यजीव संघर्ष और छह माह में चार ग्रामीणों के जान गंवाने से गुस्साए विभिन्न ग्रामीण मोहान तिराहा पर जुटे। तंत्र के विरुद्ध नारेबाजी कर गुबार निकाला।

प्रदर्शन किया और एनएच पर सांकेतिक धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों में मौतों पर मुआवजा पर्याप्त नहीं है। जिंदगियां बचाने के लिए सरकार व विभाग को ठोस दीर्घकालीन नीति बना, स्थायी समाधान करने होंगे।

पर्वतीय गांवों में पलायन रोकने को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की पुरजोर वकालत की। प्रदर्शनकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जल्द शासन स्तर पर ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए तो वृहद आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

मानव वन्यजीव संघर्ष से सहमे हुए हैं ग्रामीण 

बाघों के बढ़ते हमले व मौतों से गुस्साए विभिन्न संगठनों के लोग ग्रामीणों के साथ बुधवार को मोहान तिराहा पर एकत्र हुए। उन्होंने बाघ का शिकार बनी 21 वर्षीय शालू देवी को श्रद्धांजलि दी। फिर प्रदर्शन कर धरने पर बैठे। सभा में वक्ताओं ने कहा कि लगातार बढ़ रहे मानव वन्यजीव संघर्ष से ग्रामीण सहमे हुए हैं।

कहा कि विभाग व सरकार से मौत या घायल होने पर मुआवजा बेशक छोटी सी सहायता है। मगर राज्य से लेकर केंद्र के स्तर तक स्थायी समाधान को ठोस नीति जब तक नहीं बनती, ग्रामीण इसी तरह मारे जाएंगे। उन्होंने वन विभाग के अधिकृत व प्रशिक्षित लोगों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

वहीं वन्यजीवों के हमलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई। धरने में पूर्व जिपं सदस्य नारायण सिंह रावत, धनगढ़ी पुल संघर्ष समिति अध्यक्ष सुनील टम्टा, घनानंद शर्मा, बिशन दत्त शर्मा, देव सिंह, देवेंद्र सिंह, आनंद राम, मुनीश कुमार, प्रेम राम, ललित उप्रेती, चंद्र सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें- बाघ के डर से आबादी के बीच झाड़ियों में बसेरा बना रहे गुलदार, कर रहे शिकार

यह भी पढ़ें- बाघ और गुलदार से भी खतरनाक भालू की बिजनौर में दस्तक, दहशत में ग्रामीण; ड्रोन से तलाश जारी