उत्तराखंड के बागेश्वर में सरयू का रौद्र रूप, पुल के ऊपर से बह रही नदी; खाली कराया इलाका
कपकोट में मूसलाधार बारिश के बाद सरयू नदी उफान पर है, जिससे भेसखाल पुल के ऊपर से पानी बह रहा है और कई सड़कें बाधित हो गई हैं।
HighLights
कपकोट में भारी बारिश से सरयू नदी उफान पर
भेसखाल पुल के ऊपर से बह रहा नदी का पानी
प्रशासन ने नदी किनारे के इलाके खाली कराए, सतर्कता बढ़ाई
जागरण संवाददाता, बागेश्वर। कपकोट के ऊपरी क्षेत्रों में रातभर हुई मूसलधार बारिश से सरयू नदी ने शुक्रवार सुबह रौद्र रूप धारण कर लिया। तेज बारिश के चलते सरयू का जलस्तर अचानक बढ़ गया और नदी कई स्थानों पर खतरे के करीब पहुंच गई।
भेसखाल के समीप सरयू का पानी पुल के ऊपर तक पहुंचने से आवाजाही प्रभावित हुई और कई सड़कें बंद हो गईं। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करते हुए सरयू बगड़ क्षेत्र को खाली करा दिया।
नदी किनारे रहने वाले लोगों को दी हिदायद
कपकोट में सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल के निर्देश पर नगर क्षेत्र में डुगडुगी पिटवाकर लोगों को सचेत किया गया। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और नदी के आसपास नहीं जाने की हिदायत दी गई। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
कपकोट क्षेत्र में हुई तेज बारिश का असर बागेश्वर तक दिखाई देने लगा है। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी किनारे बसे क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ गया। सरयू घाट को पूरी तरह खाली करा दिया गया है। लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की गई है। हालांकि, जलस्तर में कमी आने को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है और प्रशासन नदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रहा है।
बारिश के कारण कपकोट क्षेत्र में कई सड़क मार्ग बाधित हुए हैं। टूररिया टनल के समीप सड़क बंद होने की सूचना है। वहीं मिकिला-खालपट्टा मोटर मार्ग पर ग्राम लाहुर के माडूंगरी तोक में भी सड़क बाधित होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश के कारण अन्य ग्रामीण मार्गों पर भी भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
कपकोट के साथ बागेश्वर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। नदी और गधेरों के आसपास रहने वाले लोगों को भी लगातार स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
