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    उत्तराखंड के बागेश्वर में कंधों पर जिंदगी, बीमार दुर्गा को 10 KM तक डोली में बैठाकर पहुंचाया अस्पताल

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 05:40 PM (IST)

    बागेश्वर के दूरस्थ जातौली गांव में सड़क और नेटवर्क न होने के कारण बीमार दुर्गा देवी को ग्रामीणों ने 10 किमी डोली में उठाकर अस्पताल पहुंचाया। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. बीमार महिला को 10 किमी दुर्गम रास्ते पर डोली से ले गए

    2. जातौली गांव में सड़क और मोबाइल नेटवर्क की कमी

    3. ग्रामीणों ने आपातकालीन सुविधाओं के लिए पहले भी की थी मांग

    जागरण संवाददाता, बागेश्वर। बारिश की फुहारें, फिसलन भरे रास्ते तथा हर कदम पर उफनते गधेरे, मानो प्रकृति ही ग्रामीणों के धैर्य की परीक्षा ले रही थी।

    जिला मुख्यालय से लगभग 70 किमी दूर कपकोट ब्लाक की ग्राम पंचायत वाछम के दूरस्थ तोक जातौली में जब 50 वर्षीय दुर्गा देवी की तबीयत अचानक बिगड़ी तो गांव वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल था, उन्हें अस्पताल तक कैसे पहुंचाया जाए।

    गांव में सड़क नहीं, मोबाइल नेटवर्क नहीं तथा एंबुलेंस बुलाने का कोई साधन नहीं। ऐसे में ग्रामीणों ने लकड़ी के दो डंडों पर तिरपाल तथा दरी बांधकर अस्थायी डोली तैयार की।

    फिर मजबूत कंधों ने जिम्मेदारी संभाली और लगभग 10 किमी के दुर्गम पैदल रास्ते को पार करते हुए बीमार महिला को खाती मोटर मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खाती में भर्ती कराया गया।

    ग्राम प्रधान दिनेश सिंह दानू ने बताया कि जातौली तोक के करीब 30 परिवार आज भी सड़क और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। यदि गांव में नेटवर्क होता तो समय रहते 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना देकर महिला को सीधे अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।

    उन्होंने बताया कि करीब छह माह पहले जिला मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी, कपकोट और क्षेत्र के विधायक को वी-सेट अथवा सैटेलाइट फोन सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लिखित आवेदन दिया गया था, ताकि आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को राहत मिल सके।

    लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी समस्याएं आज भी सरकारी फाइलों में ही कैद हैं।

    सड़क और संचार सुविधाओं के अभाव में हर आपातकाल उनके लिए जिंदगी और मौत की जंग बन जाता है। दुर्गा देवी को डोली में ढोने की यह घटना एक बार फिर पहाड़ के दूरस्थ गांवों में बुनियादी सुविधाओं की हकीकत उजागर कर गई।

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