बदरीनाथ चढ़ावा चोरी: जरूरतमंदों को नहीं मिला दान के वाहन का फायदा, वीआईपी करते रहे सवारी
बदरीनाथ धाम में डेढ़ दशक पहले दान में मिले टेंपो ट्रैवलर का उपयोग जरूरतमंद श्रद्धालुओं के लिए नहीं किया गया, बल्कि इसे वीआईपी और निजी कार्यों में इस्त ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
देवेंद्र रावत, गोपेश्वर। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) पर पहले भी यात्री सुविधाओं को लेकर गंभीर न होने के आरोप लगते रहे हैं। अधिकारी वीआइपी की सेवा-सुश्रुषा पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन आम श्रद्धालुओं से उनका कोई सरोकार नहीं।
अगर कोई दानी आम श्रद्धालुओं की सेवा करना चाहता है तो उसकी मंशा को भी वह फलीभूत नहीं होने देते। ऐसा ही डेढ़ दशक पूर्व ज्योतिर्मठ के तत्कालीन शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की ओर से मंदिर समिति को दिए गए टेंपो ट्रैवलर के मामले में हुआ।
यह वाहन बदरीनाथ धाम में वृद्ध, दिव्यांग व बीमार श्रद्धालुओं को निश्शुल्क मंदिर तक लाने-ले जाने के उपयोग में लाया जाना था, लेकिन कभी ऐसा जरूरी नहीं समझा गया।
बदरीनाथ में कोई लोकल वाहन सेवा नहीं
बदरीनाथ धाम का विस्तार चार किमी से अधिक क्षेत्र में हो चुका है, लेकिन यहां कोई लोकल वाहन सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यात्रियों को निजी वाहन या फिर पैदल ही क्षेत्र में आवाजाही करनी पड़ती है। वहीं, सड़क तंग होने के कारण वीआईपी के सिवा अन्य किसी को अपना वाहन मंदिर के पास साकेत तिराहे तक ले जाने की अनुमति नहीं है।
इसी को देखते हुए टेंपो ट्रैवलर वाहन मंदिर समिति को दान किया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ उद्घाटन वाले दिन ही इस वाहन से जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाया गया। इसके बाद वाहन को सिर्फ वीआइपी को लाते-ले जाते देखा गया। साथ ही मंदिर समिति वाहन को निजी उपयोग में भी लाती रही।
बताया गया कि लंबे समय तक धाम में स्थित मंदिर समिति अध्यक्ष के आवास परिसर में खड़ा रहने के कारण बाद में यह वाहन निष्प्रयोज्य हो गया। इस बार यात्रा सीजन शुरू होते ही जब वर्तमान अध्यक्ष ने वाहन को लेकर जानकारी ली तो मंदिर समिति के अधिकारी हरकत में आए और उसे मरम्मत के लिए देहरादून ले गए।
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बताया जा रहा कि अब इसे धाम में जरूरतमंदों को मंदिर तक पहुंचाने और कपाट बंद होने के बाद देहरादून व ऋषिकेश कार्यालय के कर्मचारियों के उपयोग में लाने की रणनीति बनाई गई है।
एंबुलेंस, टेंपो ट्रैवलर व लैपटाप लापता होने की बात निराधार : सीईओ
बीकेटीसी ने धाम में दो एंबुलेंस, टेंपो ट्रैवलर व लैपटाप गायब होने की बात को निराधार बताया है। बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि समिति की एक एंबुलेंस को वर्ष 2022 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी रुद्रप्रयाग को विधिवत हस्तांतरित किया गया था, जबकि दूसरी एंबुलेंस वर्ष 2016 में निष्प्रयोज्य घोषित हो चुकी है और उसके सभी अभिलेख एवं विवरण सुरक्षित है।
बताया कि दान में मिला टेंपो ट्रैवलर वर्तमान में मरम्मत के लिए देहरादून लाया गया है और उसका किसी तरह दुरुपयोग नहीं किया जा रहा। सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न बैंकों की ओर से उपलब्ध कराए गए लैपटाप का रिकार्ड भी मंदिर समिति की स्टाक बुक में दर्ज है।
किसी भी लैपटाप के लापता होने की सूचना या तथ्य सही नहीं हैं और इस संबंध में प्रसारित जानकारी पूरी तरह भ्रामक हैं। सीईओ ने दावा किया कि मंदिर समिति अपने सभी संसाधनों और परिसंपत्तियों का विधिवत अभिलेखीकरण और निगरानी करती है।