बदरीनाथ धाम: चढ़ावे में हेराफेरी के बाद VIP व हेली दर्शन शुल्क में भी भारी गड़बड़ी
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे में हेराफेरी के बाद अब एसआईटी वीआईपी और हेली दर्शन शुल्क में भी अनियमितताओं की जांच कर रही है। ...और पढ़ें

बदरीनाथ धाम की फोटो।
HighLights
एसआईटी बदरीनाथ धाम में वीआईपी, हेली दर्शन शुल्क जांचेगी
प्रमोद नौटियाल पर वीआईपी दर्शन में अनियमितता का आरोप
सीसीटीवी फुटेज की रिकवरी के लिए विशेषज्ञ लगे
देवेंद्र रावत, गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम में रिकार्ड से खजाने के मिलान के साथ एसआइटी अब वीआइपी व हेली दर्शन शुल्क का रिकार्ड खंगालने में भी जुट गई है।
एसआइटी को शिकायत मिली है कि तीन साल के दौरान हेली यात्रियों और इस बार वीआइपी दर्शन के नाम पर जो धनराशि वसूली गई, उसमें भारी अनियमितता हुई है।
सूत्रों के अनुसार हेलीकाप्टर से दर्शन को आए और वीआइपी दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और उनसे वसूले गई धनराशि में भारी अंतर है।
धाम में हेलीकाप्टर से आने वाले प्रत्येक यात्री से 2,100 रुपये शुल्क लिया जाता है। जबकि, वीआइपी दर्शन के नाम पर मुख्य आरोपित प्रमोद नौटियाल प्रति यात्री 1100 रुपये शुल्क वसूल रहे थे।
तब नौटियाल के पास गणना कार्य के अलावा वीआइपी प्रोटोकाल की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी।
इसे देखते हुए एसआइटी प्रोटोकाल से जुड़े अन्य कार्मिकों से भी पूछताछ कर रही है। बता दें कि बीती दो जुलाई को धाम में गणना के दौरान पहली बार दान-चढ़ावे में हेराफेरी की बात सामने आई थी।
सीसीटीवी फुटेज की जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद एसआइटी बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल और सेवानिवृत्त मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर चुकी है।
कई अन्य अधिकारी-कर्मचारी व श्रद्धालु भी मामले में संदिग्ध पाए गए हैं। एसआइटी के पास फिलहाल 20 जून से दो जुलाई तक की सीसीटीवी फुटेज ही उपलब्ध है।
जबकि, बीकेटीसी ने 45 दिन की फुटेज सुरक्षित होने का दावा किया था, लेकिन बाद में बताया की शेष 32 दिन की फुटेज तकनीकी कारणों से गायब हो गई।
इसलिए एसआइटी सीसीटीवी फुटेज की डीवीआर कब्जे में लेकर उसकी रिकवरी में जुटी है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
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