बदरीनाथ चढ़ावे में हेराफेरी: अब 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज रिकवर करेगी SIT, कई राज खुलने की उम्मीद
बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच कर रही एसआईटी अब गायब हुई 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज को रिकवर करने में जुट गई है। ...और पढ़ें


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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की जांच कर रही एसआइटी अब सीसीटीवी कैमरों की गायब हुई 32 दिन की फुटेज को रिकवर करने में जुट गई है। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। बुधवार को एसआइटी ने कैमरों का डीवीआर कब्जे में ले लिया।
उसके पास अभी 13 दिन की फुटेज ही उपलब्ध है, जिसकी जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। वहीं, दो जुलाई के बाद पहली बार बुधवार को दानपात्रों की गणना हुई, इसमें 28 लाख की नगदी व तीन किलो चांदी के अलावा सोने आदि की वस्तुएं मिलीं।
तकनीकी कारणों से डिलीट हो गई फुटेज
एसआइटी को बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) सिर्फ 13 दिन की सीसीटीवी फुटेज ही उपलब्ध कराई है, जिसमें 25 जून से दो जुलाई तक की गणना का रिकार्ड मौजूद है। बीकेटीसी का तर्क है कि इससे पहले की 32 दिन की फुटेज संभवत: तकनीकी कारणों से डिलीट हो गई।
एसआइटी का मानना है यह फुटेज कई राज खोल सकती है, इसलिए उसने डीवीआर को कब्जे में लेकर विशेषज्ञों की मदद से फुटेज रिकवर करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। अभी उसकी जांच 25 जून से दो जुलाई तक की गणना के रिकार्ड पर ही केंद्रित है।
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एसआइटी प्रभारी एवं डीएसपी मदन बिष्ट ने बताया कि इसी रिकार्ड में बीकेटीसी के तीन कार्मिकों के साथ ही एक श्रद्धालु की भूमिका भी संदेहास्पद मिली थी। इसलिए डीवीआर का रिकवर होना बेहद जरूरी है।
गणना में मिली 28 लाख की नकदी व तीन किलो चांदी
दो जुलाई के बाद बुधवार को पहली बार धाम में थाली चढ़ावा भेंट के दानपात्रों की गणना हुई। बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़, प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवाण व प्रभारी खंजाची एवं कनिष्ठ सहायक केदार सिंह रावत समेत लेखा विभाग के तीन अन्य कार्मिकों की मौजूदगी में यह गणना की गई। इसमें अलग-अलग समय में श्रद्धालु भी शामिल हुए।
सीईओ रांगड़ ने बताया कि गणना कक्ष पर सीसीटीवी कैमरों के साथ पुलिस की भी नजर रही और वहां मौजूद सभी कार्मिकों व श्रद्धालुओं के मोबाइल बंद रहे। बताया कि गणना में 28 लाख की नकदी, लगभग तीन किलो चांदी, सोना व अन्य कीमती धातु दानपात्रों से मिली।