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उत्तराखंड का ड्याली सेरा ट्रेक बना 'ट्रेक ऑफ द ईयर 2026', पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Published: Fri, 28 Aug 2026 05:45 PM (IST)

ड्याली सेरा ट्रेक को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने 'ट्रेक ऑफ द ईयर 2026' घोषित किया है। इससे क्षेत्र में ...और पढ़ें

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संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकासखंड में स्थित खूबसूरत और अनछुए ड्याली सेरा ट्रेक को उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीपीसी) ने ‘ट्रेक ऑफ द ईयर 2026’ घोषित किया है। इस ट्रेक रूट को स्थानीय स्तर पर ‘तिलिस्मी ट्रेक’ के नाम से भी जाना जाता है। ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित होने के बाद देश-दुनिया के पर्यटकों और ट्रेकर्स के इस क्षेत्र में पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है।

ड्याली सेरा ट्रेक को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्णय से एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोशिएशन, होटल एसोसिएशन औली, ज्योतिर्मठ, एडवेंचर एसोशिएशन के साथ ग्रामीणों व पर्यटन कारोबारियों में खुशी है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी चमोली अरविंद गौड़ ने बताया कि क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों की मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग ने ड्याली सेरा को ट्रेक ऑफ द ईयर 2026 के लिए चयनित किया है। एक सितंबर 2026 से 30 मार्च 2027 तक ‘ट्रेक ऑफ द ईयर 2026’ के नाम से विशेष ट्रेकिंग अभियान संचालित किए जाएंगे।

 ग्रामीणों व पर्यटन कारोबारियों में खुशी

अभियान का संचालन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधीन पंजीकृत स्थानीय टूर ऑपरेटर एजेंसी अथवा फर्म द्वारा किया जाएगा। प्रथम 300 ट्रेकर्स के लिए प्रथम आवत, प्रथम पावत के आधार पर प्रति ट्रेकर दो हजार रुपये की सब्सिडी यूटीपीसी की ओर से संबद्ध टूर ऑपरेटर एजेंसी को उपलब्ध कराई जाएगी।

स्की माउंटेनरिंग एसोशिएशन के अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि वर्ष 2025 में चिनाप वैली को ट्रेक ऑफ द ईयर चुना गया था। इस बार भी पर्यटन विभाग से उम्मीद है कि ड्याली सेरा ट्रेक रूट पर कैंप साइट, रूट मेंटनेंस और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

उन्होंने कहा कि ड्याली सेरा ट्रेक विकसित होने से कुंवारी पास ट्रेक पर बढ़ता मानवीय दबाव भी कम होगा। नए ट्रेक रूट से ट्रेकिंग गतिविधियों में विविधता आएगी और आसपास की ग्राम सभाओं के लोगों को पर्यटन के माध्यम से स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। कहा कि बुग्यालों में रात्रि कैंप खुलने से इस ट्रेक पर पर्यटकों को आवाजाही में सहुलियत हो गई है। इस ट्रेक पर हर कदम पर प्रकृति की खूबसूरती दिखती है, इसलिए पर्यटकों व स्थानीय लोगों में इसे तिलस्मी ट्रेक के नाम से जाना जाता है।

ड्याली बुग्याल में है खास

ड्याली बुग्याल की ऊंचाई लगभग 3,600 मीटर है। उत्तराखंड के चमोली जनपद में एक नया और रोमांचक ड्याली बुग्याल–डुब्रा वैली–कुआरी पास–गोरसों बुग्याल–औली ट्रेकिंग सर्किट विकसित किया जा सकता है। यह ट्रेक हिमालय के विशाल बुग्यालों, घाटियों, जंगलों और ऊंचे हिमालयी दर्रों से होकर गुजरता है। यह ट्रेक छह दिन का है। हालांकि कम समय हो तो पर्यटक वापस धरकण करछौ के रास्ते भी लौट सकता है।

  • पहला पड़ाव : जोशीमठ करछों धुरकुण, लगभग 25 किमी वाहन यात्रा व तीन किमी ट्रेक, धुरकुण में रात्रि विश्राम।
  • दूसरा पड़ाव : धुरकुण, डुब्रा वैली, ड्याली बुग्याल लगभग सात किमी ट्रेक।
  • तीसरे दिन : ड्याली बुग्याल एवं ड्याली के पास भ्रमण विशाल हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं के नजारे।
  • चौथा पड़ाव : ड्याली बुग्याल से गेलघर, लगभग पांच किमी ट्रेक।
  • पांचवां पड़ाव : गेलघर से ताली, घने देवदार एवं बुरांश के जंगलों और हिमालयी बुग्यालों से होकर रोमांचक ट्रेक।
  • छठवां पड़ाव : ताली कुआरी पास, गोरसों बुग्याल औली, यह इस ट्रेक का सबसे रोमांचक चरण होगा।

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