उत्तराखंड: फूलों की घाटी गया हरियाणा का पर्यटक लापता, वन विभाग व SDRF खोज में जुटी
फूलों की घाटी से हरियाणा के एक निहंग श्रद्धालु गब्बर सिंह रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं, जिनकी तलाश में वन विभाग और SDRF की टीमें जुटी हैं। ...और पढ़ें

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।
HighLights
फूलों की घाटी से हरियाणा के निहंग श्रद्धालु गब्बर सिंह लापता
वन विभाग और SDRF की टीमें युद्धस्तर पर खोजबीन में जुटीं
चौंकाने वाला खुलासा: गब्बर सिंह तीन साल से घर से भी लापता
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। विश्व धरोहर फूलों की घाटी क्षेत्र से मंगलवार देर शाम एक निहंग श्रद्धालु के रहस्यमय तरीके से लापता होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
लापता श्रद्धालु की पहचान निहंग गब्बर सिंह निवासी हरियाणा के रूप में हुई है, जिनकी तलाश के लिए वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से युद्धस्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। दर्ज मोबाइल पर हरियाणा से मिली जानकारी से यह पता चला है कि लापता निहंग गब्बर सिंह तो तीन साल से लापता है।
प्रशासन में हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को निहंग गब्बर सिंह ने फूलों की घाटी के मुख्य प्रवेश द्वार पर वकायदा एंट्री रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराया था। इसके बाद वे घाटी के ट्रैक पर आगे बढ़ गए, लेकिन देर शाम तक भी जब वे वापस बेस कैंप नहीं लौटे, तो वन विभाग के प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन व एसडीआरएफ की टीमों ने मंगलवार देर रात तक घाटी के अत्यंत दुर्गम और संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन अभियान चलाया। बुधवार सुबह से ही रेस्क्यू टीमों ने दोबारा समूचे घाटी क्षेत्र में मोर्चा संभाल लिया है और लापता श्रद्धालु की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
घटनाक्रम में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब वन विभाग ने उनके द्वारा दर्ज कराई गई जानकारियों की जांच शुरू की। फूलों की घाटी के वन क्षेत्राधिकारी चेतन कांडपाल ने बताया कि प्रवेश द्वार पर श्रद्धालु द्वारा जो मोबाइल नंबर लिखवाया गया था, वह पूरी तरह गलत है। जब उस नंबर पर संपर्क किया गया, तो फोन उठाने वाले किसी अन्य व्यक्ति ने एक हैरान करने वाला दावा किया।
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उस व्यक्ति के अनुसार, निहंग गब्बर सिंह पिछले तीन साल पहले ही अपने घर से लापता हो चुके हैं। इसके बाद जब वन विभाग ने रजिस्टर में दर्ज कराए गए आधार कार्ड के विवरण के जरिए गहनता से तस्दीक की, तो आधिकारिक तौर पर भी यह पुष्टि हुई कि हरियाणा के रहने वाले गब्बर सिंह वास्तव में पिछले तीन वर्षों से लापता चल रहे हैं।
शुरुआती जांच के आधार पर वन अधिकारियों का मानना है कि 3 साल पहले लापता हुए गब्बर सिंह मंगलवार को अचानक फूलों की घाटी पहुंचे, वहां उन्होंने नियमानुसार प्रवेश तो किया, लेकिन घूमने जाने के बाद वे वहीं से एक बार फिर रहस्यमय ढंग से ओझल हो गए। फिलहाल रेस्क्यू टीमें इस पहेली को सुलझाने और लापता निहंग श्रद्धालु को सुरक्षित ढूंढ निकालने के लिए पल-पल की मुस्तैदी के साथ घाटी के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही हैं।