चमोली में बारिश से सक्रिय हुआ पुराना भूस्खलन, मलबे में फंसे बुजुर्ग दंपती का ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू
चमोली के ज्योतिर्मठ ब्लॉक के पगनों गांव में भारी बारिश से पुराना भूस्खलन सक्रिय हो गया, जिससे दो घरों में मलबा घुस गया। ...और पढ़ें

ज्योतिर्मठ के पगनों गांव में भूस्खलन की चपेट में आया भवन।
HighLights
चमोली के पगनों गांव में भारी बारिश से भूस्खलन सक्रिय
मलबे में फंसे बुजुर्ग दंपती को ग्रामीणों ने बचाया
गांव में दहशत, कृषि भूमि को भी भारी नुकसान
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले में मौसम का अलर्ट ज्योतिर्मठ विकासखंड में आफत साबित हुआ। ज्योतिर्मठ के आपदा प्रभावित पगनों गांव में मानूसन की पहली वर्षा में ही भूस्खलन क्षेत्र फिर से उभर आया है।
बुधवार रात हुई मूसलधार वर्षा के कारण भूस्खलन का मलबा गांव के दो भवनों में घुस गया। इस दौरान सो रहे बुजुर्ग दंपती सतेश्वर प्रसाद और सीता देवी को ग्रामीणों ने किसी तरह से सुरक्षित निकाला।
एक अन्य भवन को भी भारी मलबे से नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन से गांव को खतरा पैदा हो गया है तथा ग्रामीणों की कई नाली कृषि भूमि भी भूस्खलन की भेंट चढ़ गई है।
ज्योतिर्मठ के सीमांत क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही वर्षा ने ग्रामीण इलाकों में संकट पैदा कर दिया है।
बुधवार रात को हुई भारी वर्षा के चलते पगनों गांव के ऊपर पुराना भूस्खलन क्षेत्र फिर सक्रिय हो गया। अचानक आया मलबा और बोल्डर आवासीय क्षेत्र में घुस गए। इससे एक मकान को गंभीर नुकसान पहुंचा। इससे भवन के अंदर बुजुर्ग सतेश्वर प्रसाद व सीता देवी फंस गए।
मलबे की चपेट में आने से घर का दरवाजा भी बंद हो गया, जिससे दंपती अंदर ही फंस गए। घर के भीतर मलबा घुसने से चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए वर्षा और अंधेरे में राहत और बचाव कार्य शुरू किया और बुजुर्ग दंपती को सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं मलबे से गांव के एक अन्य मकान को काफी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद से पूरे पगनों गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने और गांव की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।