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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    चमोली को पिछड़ा क्षेत्र बनाने की मांग जोर पकड़ी, उपवास जारी

    By gaurav kalaEdited By:
    Updated: Fri, 04 Nov 2016 07:00 AM (IST)

    चमोली जिले को पिछड़ा क्षेत्र बनाने की मांग को लेकर संयुक्त युवा मंच का क्रमिक उपवास जारी रहा। ...और पढ़ें

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    गोपेश्वर, [जेएनएन]: सीमांत चमोली जिले को पिछड़ा क्षेत्र बनाने की मांग को लेकर संयुक्त युवा मंच का क्रमिक उपवास जारी रहा। साथ ही जोशीमठ ब्लॉक को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग को पैनखंडा विकास संघर्ष समिति का क्रमिक धरना 53वें दिन जारी रहा।

    संयुक्त युवा मंच के योगेद्र बीते एक महीने से जिले को ओबीसी क्षेत्र घोषित की मांग को लेकर कलक्ट्रेट परिसर में उपवास पर बैठे है। जड़ी बूटी शोध एवं विकास संस्थान के उपाध्यक्ष सुदर्शन सिंह कठैत, उक्रांद के कार्यकारी जिलाध्यक्ष अब्बल सिंह भंडारी, साधन सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष राकेश बिष्ट आदि ने आंदोलन के समर्थन मे धरना दिया।

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    उधर पैरखंडा विकास संघर्ष समिति के बैनर तले जोशीमठ तहसील परिसर में क्षेत्र को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग को धरना दिया गया। डाडो, मेरग, देवग्राम और बड़ागांव के ग्रामीणो ने भी धरना दिया।

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    ग्रामीणों ने कहा कि सरकार उनकी मांग की अनदेखी कर रही है। इसका खामियाजा सरकार को विस चुनाव मे भुगतना होगा। धरना देने वालो में संघर्ष समिति के संरक्षक भरत सिंह कुंवर, मनोज नौटियाल, बलवीर रावत, राजेद्र चौहान, अजीतपाल रावत आदि लोग शामिल रहे।

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