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    बदरीनाथ धाम में पहुंची उद्धव-कुबेर जी की डोलियां, कल खुलेंगे मंदिर के कपाट

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 12:53 PM (IST)

    शीतकालीन प्रवास के बाद भगवान बद्री विशाल के प्रतिनिधि उद्धव जी और कुबेर जी की उत्सव डोलियां पांडुकेश्वर से बदरीनाथ धाम सकुशल पहुंच गईं। ...और पढ़ें

    उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोलियां तेल कलश पहुंची बद्रीनाथ गूंजे “जय बद्री विशाल” के जयकारे।

    उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोलियां तेल कलश पहुंची बद्रीनाथ गूंजे “जय बद्री विशाल” के जयकारे।

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    संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। शीतकालीन प्रवास के उपरांत भगवान बद्री विशाल के प्रतिनिधि स्वरूप उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची कुबेर जी की पवित्र उत्सव डोलियाँ योगध्यान बद्री मंदिर, पांडुकेश्वर से सकुशल श्री बदरीनाथ धाम पहुंच गईं। इस दिव्य आगमन के साथ ही धाम में कपाट खुलने की तैयारियों को और गति मिल गई है तथा सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा।

    प्रातःकाल योगध्यान बद्री मंदिर, पांडुकेश्वर में पारंपरिक पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात इस पावन यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में भगवान बद्री विशाल की उत्सव डोली, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, पवित्र गाडू घड़ा (तिल तेल कलश), रावल जी (मुख्य पुजारी) सहित भगवान के सखा उद्धव जी एवं खजांची कुबेर जी की डोलियां भव्यता के साथ बदरीनाथ धाम की ओर रवाना हुईं।

    पूजा-अर्चना कर प्राप्त किया आशीर्वाद 

    पूरे यात्रा मार्ग में अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। भारतीय सेना के बैंड की मधुर एवं भक्तिपूर्ण धुनों, “जय बद्री विशाल” के गगनभेदी जयकारों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यह पवित्र काफिला आगे बढ़ता रहा। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों - विष्णुप्रयाग, लामबगड़ एवं हनुमानचट्टी - पर स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं द्वारा डोलियों का पारंपरिक स्वागत किया गया तथा पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

    यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस द्वारा पूरे मार्ग पर चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे, जिससे यह संपूर्ण यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब शीतकाल में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान विष्णु के प्रतिनिधि उद्धव जी एवं कुबेर जी योगध्यान बद्री, पांडुकेश्वर में विराजमान रहते हैं। चारधाम यात्रा के पुनः आरंभ से पूर्व इन दिव्य स्वरूपों का बदरीनाथ धाम लौटना एक अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है, जो यह दर्शाता है कि भगवान की दिव्य सत्ता और व्यवस्था निरंतर बनी रहती है।

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    उद्धव जी एवं कुबेर जी की इस पावन वापसी के साथ ही अब श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, जिसका देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

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