चमोली टनल हादसे के चश्मदीदों की खौफनाक आपबीती, बचाओ-बचाओ चिल्लाते रहे... जिंदगी की रोशनी देखी तो भगवान को किया याद
टीएचडीसी की विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टेल रेस टनल में हुए हादसे के प्रत्यक्षदर्शी अभी भी सदमे में हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर। टीएचडीसी की 444 मेगावाट की निर्माणाधीन विष्णुगाड पीपलकोटी जल विद्युत की टेल रेस टनल में हुई घटना के बाद प्रत्यक्षदर्शी सदमे में हैं। वे इस हादसे को भुला नहीं पा रहे हैं। हालांकि चिकित्सालय में भर्ती घायलों की स्थिति में सुधार हो रहा है।
टनल में कार्य करने के दौरान हादसे का शिकार बने परियोजना में तैनात मैक्निकल सेवक सिंह निवासी पंजाब का भी जिला चिकित्सालय में उपचार हो रहा है। उनका कहना है कि वे प्रतिदिन की भांति टनल में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान धमाका हुआ और टनल के अंदर से तूफान जैसी आवाज आई और देखते देखते पानी मिट्टी का सैलाब बह रहा था।
पानी मिट्टी के दलदल में बह रहे थे
लाइट भी गुल हो गई और चीख पुकार के बीच पानी मिट्टी के दलदल में वे बह रहे थे और बचाओ-बचाओ चिल्ला रहे थे। कहा कि वह भी लगभग एक किमी तक पानी व मिट्टी के इस दलदल में बहते आया। किनारा लगने के बाद वह आस पास निहारते रहा। इस दौरान उसने दलदल में फंसे लोगों को निकलते व जूझते देखा व बेहोश हो गया। कुछ देर बाद टनल में पहुंचकर कर्मचारियों ने उसे दलदल से निकाला, तब जान में जान आई। उनका कहना है कि वह भगवान का शुक्रिया कर रहे थे।
जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती जेसीबी ऑपरेटर चंदन कुमार निवासी बिहार भी उन लोगों में शामिल हैं, जिसने अपनी आंखों के सामने मौत का मंजर देखा। साथियों को चिल्लाते देखा, लेकिन व कुछ नहीं कर पाया। बताया कि जब वह सैलाब आया तो मशीन पलट गई। वह मशीन के अंदर बंद कैबीन में था। गनीमत रही कि मशीन कुछ देर आगे बढ़ने के बाद पलटी और दलदल भर गया।
मशीन के नीचे दबे हुए थे कुछ लोग
केबिन के अंदर भी मिट्टी पानी घुसा, लेकिन वह मशीन के अंदर खड़ा रहा और भगवान को पुकारता रहा। आधे घंटे के इस दौरान उसने देखा कि मिट्टी पानी में उसके साथी बहते जा रहे हैं। यहीं नहीं मशीन के नीचे भी कुछ लोग दबे हुए थे जो मदद की गुहार लगा रहे थे, लेकिन व भी खुद मशीन केबिन में फंसा था। लेकिन जब रेस्क्यू टीम पहुंची तो उनकी रोशनी दिखी तो वह जिंदगी की रोशनी लग रही थी।
रेस्क्यू टीम ने केबीन तोडकर उसे बाहर निकाला, वह जिला चिकित्सालय में सुरक्षित हैं। इस घटना की याद आने पर वह बैचेन हो रहे हैं। खोदाई करते हुए उसने कई बार दुर्घटना देखी, लेकिन टनल के अंदर धमाके के बाद मिट्टी-पानी का डरावना सैलाब विचलित कर रहा था। बताया गया कि जब रेस्क्यू टीम खाली ड्रामों में बैठकर मौके पर पहुंची तो फिर फंसे लोगों को जीवन की नई उम्मीद जगी।

