यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lockdown violation: उत्तराखंड में लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर 408 लोग गिरफ्तार
कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के उल्लघंन करने पर प्रदेश में कुल 34 मुकदमें दर्ज किए गए। इसमें 408 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। ...और पढ़ें

देहरादून, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के लिए लागू लॉकडाउन के उल्लघंन करने पर प्रदेश में कुल 34 मुकदमें दर्ज किए गए। इसमें 408 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। प्रदेश में अभी तक कुल 2995 अभियोगों 18227 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं दून में आठ मुकदमे दर्ज कर 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस एक्ट के तहत 36 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। एमवी एक्ट के तहत 249 वाहनों का चालान और 17 वाहनों को सीज किया गया।
शांति भंग में गिरफ्तारी के विरोध में कोर्ट जाएंगे दौलत
उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश संयोजक दौलत कुंवर ने शांति भंग के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजने को लेकर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। रसूलपुर विकासनगर में अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए।
दौलत कुंवर ने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकालने की बात की तो पुलिस ने उन्हें ऐसा करने के बजाय किसी अन्य तरीके से विरोध प्रदर्शित करने को कहा। इस पर वह गांधी पार्क के सामने एक दिन के उपवास पर बैठे, लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पांच हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिलनी थी, लेकिन उनसे 50-50 हजार के दो जमानती पेश करने को कहा गया।
इसके बाद उन्हें और गढ़वाल मंडल के प्रभारी सुरेंद्र रावत को जेल भेज दिया गया। जेल में ले जाने से पहले कीटनाशक से भिगो दिया और बाद में दूसरे कपड़े पहनने को दिए गए। आरोप लगाया कि उन्हें जो कपड़े पहनने को दिए गए वह दून अस्पताल से मंगाए गए थे, जिसे कोरोना संक्रमित मरीज पहनते थे। उनके कपड़े तब दिए गए, जब वह जेल से बाहर आने वाले थे। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों को खोलने, प्रवासी नागरिकों को उत्तराखंड लाने आदि को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा।
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सिपाही और जेई रिश्वत प्रकरण में चार्जशीट तैयार
सिपाही और जेई रिश्वत प्रकरण में विजिलेंस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। लॉकडाउन-4 में अदालतों में सामान्य कामकाज की स्थिति बनी तो विजिलेंस दोनों मामलों में चार्जशीट दाखिल भी कर सकती है।
बता दें कि विजिलेंस ने इसी साल 26 जनवरी को ऊधमसिंहनगर में सिपाही कुशल कन्याल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। वहीं, 17 जनवरी को सेलाकुई में जेई मुनीश कुमार को 75 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
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विजिलेंस इन दोनों मामलों की विवेचना कर ही रही थी कि तभी कोरोना ने दस्तक दे दी। फिर भी विजिलेंस ने जांच जारी रखी। लॉकडाउन होने का असर विवेचना की रफ्तार सुस्त पड़ गई। वहीं, सूत्रों की मानें तो दोनों मामलों में विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। वहीं एसपी विजिलेंस धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि विवेचना लगभग पूरी हो चुकी है। कुछ रिपोर्ट लगाना बाकी रह गया है। इसके मिलते ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी जाएगी।