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    चार धाम यात्रा पंजीकरण से छंटेंगे गैर सनातनी, बदरी-केदार में नहीं मिलेगा प्रवेश

    Updated: Thu, 19 Mar 2026 06:37 AM (GMT+05:30)

    बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में अब गैर-सनातनियों का प्रवेश प्रतिबंधित होगा। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) यात्रा पंजीकरण के दौरान ही यात्रियों ...और पढ़ें

    बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर। जागरण

    बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर। जागरण

    HighLights

    1. गैर-सनातनियों का बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिरों में प्रवेश प्रतिबंधित।

    2. यात्रा पंजीकरण से ही होगी यात्रियों की छंटनी।

    3. सारा अली खान का मामला आस्था के कारण अपवाद।

    राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में गैर सनातनियों का प्रवेश रोकने के लिए यात्रा पंजीकरण से ही छंटनी की जाएगी। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति यात्रा से पूर्व अनिवार्य पंजीकरण के जरिए यात्रियों की जानकारी जुटाकर मंदिर में प्रवेश का निर्णय लेगा। बीकेटीसी के अनुसार, तीर्थयात्रा के लिए आने वाले सनातन आस्थावानों को ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा, जबकि पर्यटन के लिए आने वाले गैर सनातनी श्रद्धालुओं का बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।

    श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बोर्ड बैठक में गैर हिंदुओं के बदरीनाथ-केदारनाथ में प्रवेश पर पाबंदी का निर्णय लिया जा चुका है। चारधाम यात्रा पंजीकरण से गैर सनातनियों की पहचान की जाएगी। चारधाम यात्रा पंजीकरण में यात्रियों को अपना पूरा विवरण देना होता है।

    अपने नाम, पता, धर्म, आस्था सहित कई जानकारियों का विवरण फार्म में भरा जाता है। बीकेटीसी यात्री पंजीकरण से ही गैर सनातनी पर्यटकों का पता लगाकर मंदिर में प्रवेश की अनुमति को निरस्त करेगा। उन्होंने कहा, यात्रा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। व्यवस्था बनाने के लिए मंदिर परिसर में सख्ती भी बढ़ाई जाएगी।

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    सारा अली खान का मामला अलग, अन्य गैर-हिंदुओं पर पूर्ण पाबंदी
    बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर में दर्शन को लेकर उठे सनातन एफिडेविट विवाद में नया मोड़ आ गया है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने सियासी घमासान के बाद अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि हलफनामे की व्यवस्था केवल सारा अली खान के विशेष मामले के लिए है।

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    बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा, सारा अली खान पहले से ही सनातन में आस्था रखती हैं। उनकी मां भी हिंदू हैं, सारा अली खान अपने माथे पर त्रिपुंड लगाकर सनातन के प्रति अपनी आस्था हमेशा जताती रही हैं। इसलिए सारा अली खान का केस अलग है, जबकि अन्य गैर-सनातनियों के लिए मंदिर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। बौद्ध, जैन, सिख धर्मावलंबियों के लिए मंदिर में प्रवेश पर कोई पाबंदी नहीं है।

    ‘देश में कई प्राचीन मंदिरों में गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। जगन्नाथ मंदिर, तिरुपति बालाजी, गुरुवायूर मंदिर, लिंगराज मंदिर में पारंपरिक रूप से गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है। अब बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर में भी यात्री पंजीकरण से गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने की तैयारी है।’

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    -हेमंत द्विवेद्वी, अध्यक्ष, बीकेटीसी