मसूरी में भगवान बलभद्र मंदिर में वार्षिक पुजौज, ग्रामीणों ने मांगी सुख-समृद्धि
मसूरी के समीप त्याड़े पहाड़ी पर स्थित भगवान बलभद्र के मंदिर में वार्षिक पुजौज पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। ...और पढ़ें

त्याड़े भद्राज मंदिर में भगवान बलभद्रकी प्राचीन मूर्तियां। वहीं, मसूरी-भगवान बलभद्र की पालकी को नृत्यकरवाते हुए ग्रामीण।
HighLights
मसूरी के त्याड़े पहाड़ी पर भगवान बलभद्र का वार्षिक पुजौज संपन्न
दूध, मक्खन और शिरनी से भद्राज देवता की पूजा-अर्चना की गई
ग्रामीणों ने पशुधन, फसल और परिवार की सुरक्षा की कामना की
संवाद सहयोगी, मसूरी। लगभग साढ़े आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित भगवान बलभद्र के मंदिर में सालाना पुजौज रविवार को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर भद्राज देवता की दूध, मक्खन और शिरनी से पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने अपने पशुधन, फसलों और परिवार की सुरक्षा व समृद्धि की कामना की।
मसूरी के समीपवर्ती त्याड़े पहाड़ी पर भगवान बलभद्र का मंदिर विराजमान है। हर वर्ष सावन माह में यहां भगवान बलभद्र को दूध, मक्खन, शिरनी और रोट से भोग लगाया जाता है।
मानसून के दौरान ग्रामीणों के पशु ऊंचाई वाले स्थानों में चले जाते हैं, जिसे डांडा कहा जाता है।
मान्यता है कि प्राचीन काल में एक राक्षस ग्रामीणों के पशुओं को खा जाता था। ग्रामीणों ने भगवान बलभद्र से राक्षस से छुटकारा दिलाने की प्रार्थना की, जिसे उन्होंने स्वीकार किया।
रविवार सुबह सवा आठ बजे जैद्वार मल्ला गांव स्थित मंदिर से पूजा-अर्चना के बाद भद्राज देवता की पालकी को त्याड़े थान के लिए रवाना किया गया।
त्याड़े मंदिर पहुंचने पर पूजा-अर्चना के बाद ग्रामीणों ने भगवान की पालकी के दर्शन किए।
इस अवसर पर त्याड़े भद्राज मंदिर समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, दिनेश कैंतुरा, जिला पंचायत सदस्य जोत सिंह रावत, बिक्रम सिंह रावत, मनजीत सिंह रावत, सुनील रावत सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
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