बिटकॉइन घोटाले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, देहरादून से आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा गिरफ्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देहरादून में बिटकॉइन घोटाले के मुख्य आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा को गिरफ्तार किया है। ईडी ने आरोपी की 4.56 करोड़ रुपये की चल-अ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। बिटकॉइन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दून निवासी आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने आरोपित को चार दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
ईडी ने आरोपित की 4.56 करोड रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपित ने कुर्की आदेशों का उल्लंघन करते हुए जब्त की गई संपत्तियों को हथियाने का प्रयास भी किया था।
आरोपित के विरुद्ध देहरादून के राजपुर थाने व उधमसिंह नगर जिले के दिनेशपुर थाने में मुकदमा दर्ज है।
आरोपित ने वेबसाइट के जरिये बिटकॉइन में निवेश करने का झांसा देकर आम लोगों से धोखाधड़ी कर बड़ी रकम इकट्ठा की। तीन दिन पहले ईडी ने आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से गिरफ्तार हेमंत ईश्वर शर्मा ने BTCFUND.IS वेबसाइट बनाकर लोगों को बिटकाइन में निवेश का झांसा दिया। इसके बाद मोटे मुनाफे का झांसा देकर व विदेशी निवेशकों की भागीदारी का झूठा दावा किया।
आरोपित ने इस फर्जी स्कीम में देशभर से लोगों को जोड़ा और विभिन्न प्लेटफार्म पर रकम जमाई कराई। इस तरह से आरोपित ने मोटी रकम एकत्र की। ईडी अब इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है।
प्रवर्तन निदेशालय उप क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून की ओर से बीटीसी फंड घोटाले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक उपकरण जब्त किए गए। हेमंत ईश्वर शर्मा को इस मामले में गिरफ्तार कर देहरादून स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) के समक्ष पेश किया गया है, जहां से उसे चार दिन के लिए ईडी की हिरासत में भेजा गया है।
धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि निजी खातों में डाली
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित ने धोखाधड़ी से प्राप्त धन को अपने निजी बैंक खातों में और बाद में अपने नाम पर पंजीकृत अचल संपत्तियों में स्थानांतरित कर दिया, जोकि पीएमएलए, 2002 के तहत मनी लांड्रिंग का अपराध है।
प्रवर्तन निदेशालय ने हेमंत ईश्वर शर्मा से संबंधित भूमि और बैंक खाते की शेष राशि सहित आपराधिक आय का प्रतिनिधित्व करने वाली लगभग 4.56 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
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जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपित ने कुर्की आदेशों का उल्लंघन करते हुए जब्त की गई संपत्तियों को हथियाने का प्रयास किया था।
गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों की हो सकती है गिरफ्तारी
करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के इस मामले में ईडी आरोपित हेमंत ईश्वर शर्मा के जरिये पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है।
चार दिन की पूछताछ में ईडी गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में जानकारी जुटाएगी। जांच के बाद गिरोह से जुड़े अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
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