चकराता में बर्फबारी के बाद मार्ग खुले, पाले से बनी है फिसलन; प्रशासन ने पर्यटकों को सावधानी बरतने की दी सलाह
चकराता में हालिया बर्फबारी के बाद कई मोटर मार्ग खुल गए हैं, लेकिन पाले के कारण फिसलन बनी हुई है। प्रशासन ने पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। क ...और पढ़ें

चकराता क्षेत्र के लोखंडी में बर्फबारी के बाद का विहंगम नजारा।
HighLights
चकराता में बर्फबारी से कई सड़कें खुलीं, पर पाले से फिसलन।
करीब 40 गांवों में सात दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित।
बर्फ से ढके पहाड़ों ने पर्यटकों को आकर्षित किया, पर्यटन बढ़ा।
राहुल चौहान, जागरण चकराता। हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण चकराता क्षेत्र में कई मोटर मार्गों पर यातायात सुचारू हो गया है, लेकिन बर्फ पर पाला जमने से फिसलन की स्थिति बनी हुई है।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें और सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं।
बर्फबारी के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग चकराता–मसूरी–त्यूणी अंतर्गत आने वाले लोखंडी, कोटी कनासर और चुरानी मोटर मार्ग शुक्रवार को पूरी तरह बंद हो गए थे।
राहत की बात यह है कि संबंधित विभागों की मेहनत के बाद सोमवार से कई मार्गों को यातायात के लिए खोल दिया गया है।
हालांकि, देववन और मोइला टाप मार्ग पर पाला गिरने से बर्फ पत्थर जैसी हो गई है, जिससे फिसलन की स्थिति बनी हुई है।
इस मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही खोला जाएगा। चकराता से लोखंडी तक जाने वाले वाहन चालकों को भी सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि जगह-जगह पाला गिरने से बर्फ पर फिसलन हो रही है।
सात दिन बाद भी 40 गांव अंधेरे में, विद्युत बहाली में जुटे कर्मियों के छूट रहे पसीने
पिछले शुक्रवार से बाधित विद्युत व्यवस्था को बहाल करना विद्युत उप खंड चकराता की टीम के लिए चुनौती बन गया है।
खराब मौसम और तकनीकी बाधाओं के चलते गुरुवार को भी विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सुचारू नहीं हो सकी। वर्तमान में करीब 40 गांव सात दिन से अंधेरे में हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
टाइगर फाल क्षेत्र के गांवों में बिजली बहाल नहीं हो पाई है, विशेषकर समोग गांव में। यहां हाईटेंशन लाइन टूटने के कारण लगभग चालीस गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी है।
विद्युत टीमें दिन-रात मरम्मत कार्य में जुटी हुई हैं, लेकिन दुर्गम पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के कारण कार्य की गति धीमी है।
चटक धूप के बीच पर्यटकों ने बर्फबारी के बाद के विहंगम नजारे
शीत ऋतु में दूसरी बर्फबारी के बाद चकराता के ऊंचाई वाले इलाकों में विहंगम नजारे देखने को मिल रहे हैं। चटक धूप में बर्फ से ढके पहाड़ चांदी जैसे दमक उठे हैं।
बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय में वृद्धि हो रही है। इस बार उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और राजस्थान से पर्यटक चकराता की खूबसूरती से आकर्षित हुए हैं।
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इस बार का पर्यटन सीजन रिकॉर्ड तोड़ सकता है। प्रशासन ने यातायात प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
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