Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देहरादून में नशे के नेटवर्क पर होगी 'सर्जिकल स्ट्राइक', हॉटस्पॉट चिन्हित कर तस्करों पर कसा जाएगा शिकंजा

    Updated: Sat, 25 Jul 2026 06:33 AM (IST)

    देहरादून में जिला प्रशासन नशे के कारोबार के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपना रहा है, जिसमें हॉटस्पॉट चिन्हित कर तस्करों के नेटवर्क पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' की ज ...और पढ़ें

    कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन समिति की बैठक लेते डीएम डॉ. आशीष चौहान

    कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन समिति की बैठक लेते डीएम डॉ. आशीष चौहान

    HighLights

    1. नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित कर नेटवर्क ध्वस्त करने के निर्देश।

    2. नशा मुक्ति केंद्रों का नियमित निरीक्षण और अनियमितता पर कार्रवाई।

    3. मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य, फार्मासिस्ट की उपस्थिति जरूरी।

    जागरण संवाददाता, देहरादून। दून में नशे के कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन अब आक्रामक रणनीति अपनाने जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पुलिस और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि पुराने अपराधों का जीआईएस विश्लेषण कर नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित किए जाएं और वहां मादक पदार्थों की सप्लाई चेन पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' करते हुए तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और परिवारों को बचाने का अभियान है।

    जिला स्तरीय नारकोटिक्स को-आर्डिनेशन समिति (एनसीओआरडी) की बैठक में डीएम ने चाय-तंबाकू की ठेलियों, मेडिकल स्टोरों, स्लम बस्तियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-ड्रग्स व केमिकल ड्रग्स के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए एएनटीएफ, एसटीएफ, पुलिस, एनसीबी और औषधि विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने को कहा।

    युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में नियमित पढ़ाई के साथ एंटी-ड्रग्स, साइबर अपराध व वित्तीय अपराध से जुड़े विषयों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही छात्रावासों, पीजी, कोचिंग संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने तथा एंटी-ड्रग्स हेल्पलाइन 1933 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।

    नश मुक्ति केंद्रों का होगा नियमित निरीक्षण

    डीएम ने सभी एसडीएम को जिले में संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और मानकों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल सील करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सेलाकुई में 30 बेड के नए नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र का प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए भी कहा गया। सार्वजनिक स्थानों पर धूमपान करने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

    84 नशा मुक्ति केंद्रों में 23 मिले बंद

    बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में 84 पंजीकृत व दो अपंजीकृत नशा मुक्ति केंद्रों का सत्यापन किया गया। इनमें 23 केंद्र बंद मिले, जबकि 15 केंद्रों में अनियमितताएं पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

    खबरें और भी

    55 केंद्रों की रिपोर्ट राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण को भेजी जा चुकी है। बैठक में एडीएम (प्रशासन) स्मृता परमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमके शर्मा, उच्च शिक्षा विभाग से डॉ. दीपा मेहरा रावत, पुलिस क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ड्रग्स इंस्पेक्टर विनोद जगूड़ी, एआरटीओ रत्नाकर सिंह, एसीएफ अभिषेक मैठाणी, आईबी से रणवीर सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।

    नशा तस्करी पर 151 मुकदमे, 170 भेजे जेल

    पुलिस विभाग के अनुसार, इस वर्ष अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 151 मुकदमे दर्ज किए गए हैं और 170 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों में 711 छात्रों के ड्रग्स टेस्ट कराए गए, जिनकी सभी रिपोर्ट नकारात्मक आई हैं।

    ड्रग्स इंस्पेक्टर ने बताया कि सभी मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य कर दिए गए हैं और फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रायवाला स्थित राजकीय नशा मुक्ति केंद्र की क्षमता भी 15 से बढ़ाकर 30 बेड करने की प्रक्रिया चल रही है।

    यह भी पढ़ें- देहरादून: सीएम धामी ने 'बेगमपुरा' के सपने को साकार करने का किया आह्वान