दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण: गणेशपुर में बना हेलीपैड, डाटकाली मंदिर पर सुरक्षा व्यवस्था जोरों पर
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण को लेकर गणेशपुर गांव में उत्साह है, जहां पीएम मोदी का विमान उतरेगा। ...और पढ़ें
HighLights
पीएम मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन के लिए गणेशपुर पहुंचेंगे।
एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर यहीं से शुरू।
पीएम डाट काली मंदिर जाएंगे, स्थानीय लोग खुशहाली की उम्मीद में।
अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का असली रोमांच महसूस करना हो, तो गणेशपुर (उत्तर प्रदेश) की मिट्टी पर कदम रखिए, जहां इन दिनों हर सांस में एक अलग सी हलचल है। हर चेहरे पर चमक है और हर नजर पीएम मोदी के आगमन पर टिकी है।
छोटा सा गांव गणेशपुर अचानक एक्सप्रेसवे के नक्शे पर बड़े पड़ाव की तरह उभर आया है। यहीं पर पीएम मोदी का विमान उतरेगा। यही बात गणेशपुर की धड़कनों को तेज कर रही है। गांव पीएम मोदी का सिर्फ इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि इस ऐतिहासिक पल को जी रहा है।

यूपी-उत्तराखंड सीमा पर बसे गणेशपुर से एशिया का सबसे लंबा (12 किमी.) वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कारिडोर शुरू होता है, जो उत्तराखंड के आशारोड़ी तक जाता है।

एक्सप्रेसवे के लोकार्पण की तिथि जैसे-जैसे करीब आ रही है, गणेशपुर में अलग सी हलचल है। गांव में अफसरों का डेरा है, वायरलेस के मैसेज गूंज रहे हैं। खेतों काे हेलीकाप्टर उतारने के लिए समतल किया जा रहा है।
पुलिस के तंबू, नेताओं के तेज कदम और हेलीपैड पर टिकी ग्रामीणों की आंखें और जुबान पर कई सवाल। कितने हेलीकाप्टर उतरेंगे? एक ग्रामीण कहता है दो, दूसरा बोला तीन।

फावड़े की हर चोट जमीन को बदल रही है। बुजुर्ग आपस में चर्चा करते हैं, हमने तो बुग्गी और ट्रैक्टर देखे थे।
अब तीन-तीन लोहे के पंछी उतरेंगे। गणेशपुर में जाकर ऐसा महसूस होता है जैसे प्रधानमंत्री मोदी के विमान से यहां नए बदलाव की आहट उतरने जा रही है।

सड़क अब जंगल का रास्ता नहीं रोकती
गणेशपुर से आगे बढ़ते ही सड़क ऊंची हो जाती है। यहां से 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड विस्तार लेता है। इस रोड से गुजरने वाले लोग रास्ते में रुककर इसे देख रहे हैं। दिल्ली से देहरादून आ रहे एक पर्यटक कहते हैं।
अब सड़क समझदार हो गई है, जंगल का रास्ता नहीं रोकती। उनकी यह बात तस्दीक करती है कि सरकार अब विकास और प्रकृति में समन्वय की सोच के साथ आगे बढ़ रही है।

डाट काली मंदिर पर अफसरों का डेरा
एलिवेटेड रोड समाप्त होते ही माहौल धार्मिक होने लगता है। मां डाट काली के मंदिर पर अफसरों की गाड़ियों का रैला लगा है।
पीएम मोदी मां डाट काली के चरणों में माथा टेकेंगे तो इसकी तैयारियां, रूट प्लान से लेकर चप्पे चप्पे पर सुरक्षा इंतजामों का खाका अफसर तैयार करने में जुटे हैं।
भक्त भी आपस में चर्चा कर रहे हैं कि यह पहला मौका है, जब कोई प्रधानमंत्री मंदिर में आकर मां काली के दर्शन करेंगे।

यात्री बढ़ेंगे, तो खुशहाली भी बढ़ेगी
डाट काली मंदिर से आगे मोहब्बेवाला-आशारोड़ी तक सड़क फिर रफ्तार पकड़ती है। पूरा इलाका नए सिरे से संवारा जा रहा है।
कहीं डामर बिछ रहा है, कहीं दीवार चमकाई जा रही है। सड़क किनारे दुकानों पर चौपालों में चर्चा का अब यही विषय है। कोई कह रहा है सफर आसान होगा, समय बचेगा, तो कोई कहता है पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। हाथों को काम मिलेगा। आने वाले दिनों की कई तस्वीरें ऐसी ही चर्चाओं में नजर आती हैं।
खबरें और भी

दुकानदार कहते हैं, यात्री बढ़ेंगे तो खुशहाली भी बढ़ेगी। एक बुजुर्ग, जिनकी आंखों ने बदलता हुआ देहरादून देखा है, धीमे से कहते हैं...ये सड़क चलेगी, तो हम सबकी किस्मत भी दौड़ पड़ेगी।
यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे प्राचीन डाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना
यह भी पढ़ें- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: PM मोदी 18 KM सड़क का सफर तय कर पहुंचेंगे जसवंत ग्राउंड, जनसभा को करेंगे संबोधित