दून-मसूरी के पर्यटन स्थल: भीषण गर्मी से राहत पाने को उमड़ी भीड़, 1.5 घंटे का सफर 4 घंटे में हुआ पूरा
गर्मी से राहत पाने के लिए रविवार को देहरादून और मसूरी के पर्यटन स्थलों पर भारी भीड़ उमड़ी, जिससे सड़कें जाम हो गईं और होटल भर गए। ...और पढ़ें

पर्यटक स्थल सहस्त्रधारा में गर्मी से राहत पाने के लिए नहाते पर्यटक। राजेश बड़थ्वाल
HighLights
गर्मी से राहत पाने देहरादून-मसूरी में उमड़ी पर्यटकों की भीड़।
मसूरी मार्ग पर घंटों जाम, पर्यटकों को हुई भारी परेशानी।
सहस्त्रधारा, गुच्चूपानी सहित सभी पर्यटन स्थल खचाखच भरे।
जागरण संवाददाता, देहरादून। जून की तपती दोपहर से बचने के लिए रविवार को देहरादून और मसूरी के पर्यटन स्थलों पर ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरा पर्यटन तंत्र दिनभर दबाव में रहा। मसूरी की ओर जाने वाले सभी मार्ग सुबह से ही वाहनों से भर गए।
राजपुर रोड से लेकर किंक्रेग, हाथीपांव और लाइब्रेरी चौक तक वाहन रेंगते नजर आए। देहरादून से मसूरी पहुंचने में जहां सामान्य दिनों में डेढ़ घंटे का समय लगता है, वहीं रविवार को सैलानियों को तीन से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ा।
दूसरी ओर, सहस्त्रधारा, गुच्चुपानी, लच्छीवाला और मालदेवता में पानी के बीच राहत तलाशने वालों की इतनी भीड़ रही कि दोपहर से पहले ही पार्किंग स्थल भर गए।
इसके बाद सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई स्थानों पर पर्यटकों को अपने वाहनों को आधा से एक किलोमीटर दूर खड़े कर पैदल पर्यटन स्थल तक पहुंचना पड़ा। पुलिस और यातायात कर्मी पूरे दिन भीड़ और जाम को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
वहीं, वीकेंड पर उमड़ी भीड़ से होटल, होमस्टे, रेस्तरां, कैफे, टैक्सी संचालकों और स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। मसूरी के अधिकांश होटल दिन में ही लगभग भर गए। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस सीजन में रविवार को सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली।
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मसूरी : सुबह नौ बजे ही थम गई रफ्तार
रविवार सुबह आठ बजे तक मसूरी मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया था। नौ बजे के बाद राजपुर रोड से मसूरी तक जगह-जगह जाम लगने लगा। किंक्रेग, गलोगी, हाथीपांव, लाइब्रेरी चौक और माल रोड पर वाहन रेंगते रहे।
कई पर्यटक घंटों कारों में बैठे रहे। बच्चे और बुजुर्ग गर्मी व जाम से परेशान दिखे। माल रोड पर दिनभर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। होटल, रेस्तरां, कैफे और व्यू प्वाइंट पर्यटकों से खचाखच भरे रहे। वहीं, कैम्पटी फाल के झरने में भी सैलानी पूरा दिन पानी में आनंद लेते नजर आए।

सहस्रधारा : झरनों के नीचे दिनभर मस्ती
सहस्रधारा में सुबह से ही परिवारों का पहुंचना शुरू हो गया था। दोपहर तक झरनों और कुंडों में हजारों लोग पानी में उतर चुके थे।
बच्चे ट्यूब लेकर पानी में खेलते रहे तो युवा झरनों के नीचे सेल्फी और रील बनाने में व्यस्त दिखे। सड़क किनारे खाने-पीने की दुकानों पर भी लंबी कतारें लगी रहीं। पार्किंग भरने के बाद वाहनों की कतार मुख्य सड़क तक पहुंच गई।

गुच्चूपानी: पानी में राहत, बाहर जाम की आफत
राबर्स केव (गुच्चूपानी) में रविवार को सबसे अधिक भीड़ देखने को मिली। गुफा के भीतर ठंडे पानी में घूमने के लिए लोगों को कतारों में इंतजार करना पड़ा। प्रवेश द्वार से लेकर पार्किंग तक भीड़ ही भीड़ नजर आई।
बाहर सड़क पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। कई पर्यटक पार्किंग न मिलने पर दूर वाहन खड़े कर पैदल पहुंचे। आसपास के रेस्तरां और दुकानों पर भी दिनभर रौनक बनी रही।

लच्छीवाला: पिकनिक स्पाट बना लोगों की पहली पसंद
लच्छीवाला में सुबह से ही परिवारों ने डेरा जमा लिया। तालाब और प्राकृतिक जलधारा के किनारे बच्चों की चहल-पहल रही। दोपहर तक पार्किंग पूरी तरह भर गई। इसके बाद सड़क किनारे दोनों ओर वाहनों की कतार लगने से जाम की स्थिति बन गई। कई लोग पेड़ों की छांव में बैठकर दिनभर पिकनिक मनाते नजर आए।

मालदेवता: नदी किनारे मेले जैसा माहौल
मालदेवता में सोंग नदी के किनारे दिनभर पर्यटकों की भीड़ रही। युवा नदी में नहाते और पत्थरों पर बैठकर गर्मी से राहत लेते दिखे।
परिवारों ने नदी किनारे पिकनिक का आनंद लिया। ढाबों और कैफे में सीटें कम पड़ गईं। शाम तक यहां भी वाहनों का दबाव लगातार बना रहा और कई बार यातायात धीमा पड़ गया।
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