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    देहरादून गोलीकांड: चश्मदीद ने बताया खौफनाक मंजर, कैसे हुआ ब्रिगेडियर जोशी पर हमला

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 09:35 PM (IST)

    देहरादून के राजपुर रोड स्थित जोहड़ी क्षेत्र में हुई गोलीबारी का मंजर तुलाज ग्रीन्स के सचिव एसपी शर्मा की आंखों में अभी भी घूम रहा है। उन्होंने बताया क ...और पढ़ें

    राजपुर रोड से सटे जोहड़ी क्षेत्र में दो गुटों के बीच गोलीबारी के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी।

    राजपुर रोड से सटे जोहड़ी क्षेत्र में दो गुटों के बीच गोलीबारी के दौरान रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी की गोली लगने से मौत हो गई थी। 

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    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, देहरादून। राजपुर रोड से सटे जोहड़ी क्षेत्र में दो गुटों के बीच गोलीबारी के दौरान वहां का क्या मंजर था, वह अभी भी रह रहकर तुलाज ग्रीन्स के सचिव एसपी शर्मा की आंखों में घूम रहा है।

    एसपी शर्मा की सोमवार की रात बेचैनी में कटी और कारों की रेस के बीच गोलियों की आवाज अभी भी उनके कानों में गूंज रही है।

    brigadier mukesh joshi

    एसपी शर्मा ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे जब वह सोसाइटी के अध्यक्ष रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी और एक अन्य साथी के साथ मार्निंग वाक पर निकले तो जोहड़ी रोड पर उन्हें विपरीत दिशा से 200 फीट की दूरी पर दो कार कम से कम 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उनकी तरफ आती दिखीं।

    Give Tribute to brigadier joshi

    सभी को अंदेशा था कि कार उन्हें टक्कर मार सकती है। इसलिए वह हड़बड़ाते हुए किनारे की तरफ दौड़े। उसी दौरान गोलियों की आवाज आई। गोली स्कार्पियो सवार चला रहे थे। तभी रिटायर्ड ब्रिगेडियर जमीन पर गिर पड़े।

    गोली सीधे उनके सीने पर लगी थी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से गोलीकांड का शिकार ब्रिगेडियर जोशी हो गए। लेकिन, सड़क पर जिस तरह की स्थिति थी, गोली किसी को भी लग सकती थी।

    car chased in dehradun

    पांच से छह लोग करते हैं मार्निंग वाक, घटना के दिन तीन ही थे

    तुलाज ग्रीन्स आवासीय सोसाइटी के सचिव एसपी शर्मा के अनुसार मार्निंग वाक के लिए हमेशा पांच से छह लोग जाते हैं। लेकिन, सोमवार सुबह गोलीकांड वाले दिन तीन ही लोग थे, बाकी लोग किन्हीं कारणों से वाक पर नहीं आए।

    ऐसे में संभव था कि रिटायर्ड ब्रिगेडियर किसी और क्रम में रहते और शायद वह बच जाते। अफसोस है कि होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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