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    फर्जी जाति प्रमाणपत्र पर पाई सरकारी नौकरी, देहरादून में दोषी शिक्षिका को किया बर्खास्त

    Updated: Thu, 09 Apr 2026 03:29 PM (GMT+05:30)

    शिक्षा विभाग ने फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने वाली डोईवाला की सहायक अध्यापिका सीमा देवी की सेवा समाप्त कर दी है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। सरकारी सेवा में फर्जी दस्तावेजों पर नियुक्ति पाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में तैनात एक सहायक अध्यापिका की सेवा समाप्त कर दी है।

    विभागीय जांच में अनुसूचित जाति का प्रस्तुत प्रमाणपत्र कूटरचित पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई।

    मामला डोईवाला क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जौलीग्रांट प्रथम का है, जहां सहायक अध्यापिका सीमा देवी तैनात थीं।

    आरोप था कि उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग का फर्जी प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर आरक्षित श्रेणी का लाभ लेते हुए नियुक्ति पाई। विभाग को शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई।

    जांच में प्रमाणपत्र की वैधता की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से कराई गई, जिसमें दस्तावेज कूटरचित पाया गया।

    इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) स्तर से कार्रवाई करते हुए सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।

    अधिकारियों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था के दुरुपयोग और फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिये नियुक्ति प्राप्त करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

    अन्य मामलों की भी जांच संभव

    शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह संकेत दिया है कि यदि इसी प्रकार की अन्य शिकायतें सामने आती हैं तो उनकी भी गहन जांच कराई जाएगी।

    मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल का कहना है कि पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई आवश्यक है।

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