ईसाई धर्म अपनाने के बाद सनातन में वापसी, देहरादून में 8 साल बाद एक परिवार फिर बना हिंदू
लोक गायक श्यामलाल भारती का परिवार, जिसने 2018 में ईसाई धर्म अपनाया था, मंगलवार को कालसी के काली माता मंदिर में सनातन धर्म में लौट आया। ...और पढ़ें

कालसी स्थित काली माता मंदिर में परिवार की सनातन धर्म में वापसी कराने जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी महाराज व अन्य। जागरण

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संवाद सूत्र, कालसी (देहरादून)। चकराता ब्लॉक के एक परिवार की मंगलवार को कालसी स्थित सिद्ध पीठ काली माता मंदिर में विधि-विधान के साथ सनातन धर्म में वापसी कराई गई।
धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हवन-यज्ञ और गंगाजल से शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिसमें संत और स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।
जानकारी के अनुसार, डांगुठा गांव निवासी लोक गायक श्यामलाल भारती ने वर्ष 2018 में अपने पूरे परिवार के साथ ईसाई धर्म अपना लिया था।

बीते कुछ समय से उनका संपर्क रुद्र सेना देवभूमि उत्तराखंड व हिमाचल के संस्थापक राकेश उत्तराखंडी से हुआ। विभिन्न स्तरों पर हुई बातचीत और सहमति के बाद श्यामलाल भारती ने पुनः सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
मंगलवार को सिद्ध पीठ काली माता मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इसके बाद गंगाजल छिड़ककर परिवार का शुद्धिकरण किया गया और उन्हें पुनः सनातन परंपराओं से जोड़ा गया।

इस दौरान जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी महाराज, मंदिर के आचार्य भारत भूषण शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में परिवार को गीता भेंट कर धार्मिक जीवन के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर प्रबोधानंद गिरी महाराज ने कहा कि सनातन धर्म विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है, जो मानवता और विश्व कल्याण की भावना को आगे बढ़ाता है।
उन्होंने कहा कि समाज में आपसी सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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