देहरादून में 3 शावकों के साथ मादा गुलदार की फोटो वायरल, AI जनरेटेड होने का संदेह; वन विभाग ने बैठाई जांच
इंटरनेट मीडिया पर तीन शावकों के साथ मादा गुलदार की वायरल फोटो पर वन विभाग ने जांच बैठा दी है। चकराता वन क्षेत्र की बताई जा रही इस तस्वीर के AI जनरेटेड ...और पढ़ें

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित शावकों संग घूमती मादा गुलदार की फोटो।
HighLights
तीन शावकों के साथ मादा गुलदार की फोटो वायरल
फोटो के AI जनरेटेड होने का गहरा संदेह
वन विभाग ने रेंजर को जांच के निर्देश दिए
संवाद सूत्र, साहिया (देहरादून)। इंटरनेट मीडिया पर तीन शावकों के साथ एक मादा गुलदार की रोचक फोटो तेजी से प्रसारित हो रही है। दावा किया जा रहा है कि यह फोटो चकराता वन क्षेत्र की है।
फोटो में रात के समय एक मादा गुलदार सड़क किनारे अपने शावकों के साथ नजर आ रही है। मगर फोटो की वास्तविकता को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
इसे लेकर तमाम तरह की अटकलों के बीच अब डीएफओ चकराता वैभव सिंह ने रेंजर को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के तहत विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित फोटो एआइ जनरेटेड है या असली।
फोटो को लेकर कहा जा रहा है चकराता क्षेत्र के समृद्ध और सुरक्षित पारिस्थितिकी तंत्र की एक जीवंत बानगी पेश करता है। घने देवदार के जंगलों के बीच वन्यजीवों की ऐसी मौजूदगी प्रकृति प्रेमियों को रोमांचित कर रही है।
हालांकि, इस दृश्य के साथ सुरक्षा का खतरा भी जुड़ा हुआ है। शावकों की मौजूदगी के कारण मादा गुलदार अत्यधिक सुरक्षात्मक और आक्रामक हो सकती है।
अब फोटो एआइ जनरेटेड है या असली, यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिर भी वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे वन्यजीवों को देखकर उनके करीब जाने या फोटो व वीडियो बनाने की कोशिश न करें।
रात के समय अनावश्यक रूप से घरों या होटलों से बाहर न निकलें। सुनसान रास्तों पर समूह में चलें और टार्च का इस्तेमाल करें।
उधर, चकराता वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी वैभव सिंह के अनुसार प्रथम दृष्टया फोटो एआइ जनरेटेड लग रहा है, फिर भी उन्होंने रेंजर को असलियत का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही टीम गठित कर संभावित क्षेत्र में विशेष रात्रि गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।