देहरादून: सहस्रधारा क्षेत्र में दो दिन में दो बार दिखा गुलदार, वन विभाग लगाएगा पिंजरा
मानसून की शुरुआत के साथ ही देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियां बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
सहस्रधारा में मानसून से गुलदार की गतिविधियां बढ़ीं
स्थानीय लोगों में दहशत, घरों से निकलने में डर
वन विभाग ने गश्त बढ़ाई, पिंजरा लगाने की तैयारी
जागरण संवाददाता, देहरादून। मानसून की शुरुआत के साथ ही दून के बाहरी क्षेत्रों में वन्यजीवों की गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
सहस्रधारा क्षेत्र में पिछले दो दिनों के भीतर दो बार गुलदार दिखाई देने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सोमवार सुबह गुलदार सड़क पर घूमता नजर आया, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बीते दो दिनों में क्षेत्र में दो अलग-अलग स्थानों पर गुलदार देखा गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण जंगलों और आसपास की झाड़ियां घनी हो गई हैं, जिससे गुलदार और अन्य वन्यजीव भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंच रहे हैं।
हालात ऐसे हैं कि लोग सुबह और शाम घरों से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं। हर वर्ष मानसून के दौरान देहरादून के सहस्रधारा, मालदेवता, राजपुर, मसूरी रोड और अन्य वन क्षेत्र से सटे इलाकों में गुलदार की आवाजाही बढ़ जाती है।
पूर्व में कई बार बच्चों, पालतू मवेशियों और बेसहारा कुत्तों पर गुलदार के हमलों की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं।
जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। गुलदार की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने सहस्रधारा क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का दावा किया है।
विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे सुबह-शाम अकेले सुनसान रास्तों पर जाने से बचें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी स्थान पर गुलदार दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।