देहरादून में मानसून की पहली बारिश: शहर में भारी जलभराव, दुकानों-घरों में घुसा पानी
उत्तराखंड में मानसून की पहली तेज बारिश ने देहरादून की तैयारियों की पोल खोल दी, जिससे शहर में भारी जलभराव हो गया और दुकानों-घरों में पानी घुस गया। ...और पढ़ें

दून में दोपहर बाद हुई बारिश के बाद दून अस्पताल के न्यू ओपीडी के बाहर की सड़क पानी में तब्दील हो गई जिसके कारण कि वहां मरीजों व उनके परिजनो को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजेश बड़थ्वाल
HighLights
मानसून की पहली बारिश में देहरादून में भारी जलभराव
प्रिंस चौक पर जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप
नदियों का जलस्तर बढ़ा, अस्थायी पुल को खतरा
जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ हुई पहली तेज बारिश ने राजधानी की तैयारियों की पोल खोल दी।
मंगलवार दोपहर हुई मूसलधार बारिश ने शहर को एक घंटे में तालाब में तब्दील कर दिया। प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर जलभराव हो गया, जबकि कई इलाकों में बारिश का पानी दुकानों और घरों में घुस गया।
सबसे अधिक परेशानी प्रिंस चौक क्षेत्र में देखने को मिली, जहां जल निकासी व्यवस्था जवाब दे गई और सड़कें पानी से लबालब भर गईं।
कई दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। शहर के अन्य निचले इलाकों में भी लोगों को जलभराव के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

लगातार बारिश से रिस्पना और बिंदाल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। दोनों नदियों के किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई और आसपास के घरों पर खतरा मंडराने लगा।
वहीं सहस्रधारा, मालदेवता और नदी किनारे के अन्य क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच पिछले वर्ष आई आपदा की यादें ताजा हो गईं। तेज बारिश और गर्जना ने लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया।
बारिश ने एक बार फिर शहर के ड्रेनेज सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया। कई स्थानों पर नालियां और सीवर ओवरफ्लो हो गए, जिससे सड़कों पर पानी भर गया और यातायात भी प्रभावित हुआ।
झमाझम बारिश और जलभराव के बीच शहर की मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगकर चलते रहे और जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही।
प्रदेश में मानसून की पहली बारिश
मंगलवार दिनभर में चंपावत में सर्वाधिक 60 मिमी, दून के मोहकमपुर में 56 मिमी, कालसी में 49 मिमी, पाटल में 41.5 मिमी, हाथीबड़कला में 36.5 मिमी, मालदेवता में 36 मिमी और दून शहर में 35.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इसके अलावा चोरगलिया में 18.5 मिमी, चंद्रबदनी में 17 मिमी, गुलरभोज में 16.5 मिमी, यमकेश्वर में 16 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई।

टोंस नदी का रौद्र रूप, अस्थायी पुल को खतरा
प्रेमनगर क्षेत्र में नंदा की चौकी पर बने अस्थायी पुल को खतरा पैदा हो गया है। भारी बारिश के कारण टोंस नदी ने रौद्र रूप ले लिया, जिससे ह्यूम पाइप से बनाया गए अस्थायी पुल पर ऊपर तक पानी आने लगा।
पिछले वर्षाकाल में नंदा की चौकी का स्थायी पुल ढह गया था। हालांकि, लोनिवि की ओर से अब इस पुल के दोबारा निर्माण का दावा किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल अस्थायी पुल से ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।