Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    देहरादून सामूहिक दुष्कर्म का ममाला: मुख्य दोषी दीपेश पांडे को 10 साल की कठोर कैद

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 11:44 PM (IST)

    देहरादून कोर्ट ने 14 साल पुराने सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य दोषी दीपेश पांडे को 10 साल की कठोर कैद सुनाई है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

    सांकेतिक तस्वीर।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, देहरादून। होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी लगवाने के बहाने देह व्यापार में धकेलने की कोशिश और विरोध करने पर सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने गुरुवार को मुख्य दोषी दीपेश पांडे को 10 साल कठोर कैद की सजा सुनाई।

    यह मामला 14 साल पहले पटेलनगर कोतवाली में दर्ज हुआ था। मामले में अन्य आरोपितों को पहले सजा हो चुकी है। दीपेश बाद में पकड़ा गया और इसलिए अलग से ट्रायल चला।

    अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की अदालत ने दोषी पर 53 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

    साथ ही पीड़िता को पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश जारी किए हैं।

    पीड़िता कोलकाता में रहती थी। आरोपितों ने वहां की एक पत्रिका में लखनऊ के एक होटल में नौकरी का विज्ञापन दिया था। पीड़िता ने नौकरी के लिए संपर्क किया तो आरोपितों ने लखनऊ बुला लिया।

    मई 2012 में गोमती नगर स्थित एक होटल में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी पर रखा। पीड़िता ने करीब 8-10 दिन तक वहां काम किया। इस दौरान उसने देखा कि होटल की आड़ में देह व्यापार चलाया जा रहा था।

    उसने नौकरी छोड़ने की बात कही तो आरोपितों ने अपना असली रंग दिखाया। विरोध करने पर आरोपित दीपेश और उसके साथियों ने पीड़िता को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया।

    उसके बाद उसे अगवा कर कार से देहरादून के ब्रह्मपुरी इलाके में भेज दिया। जहां एक घर में कैद रखा और बार-बार दुष्कर्म किया। पीड़िता ने उनके चंगुल से छूटकर पुलिस को सूचना दी।

    काफी समय डर के साये में रही पीड़िता

    सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पीड़िता आरोपितों के रसूख और जान के खतरे के डर से काफी समय गायब रही थी।

    बाद में उसने साहस जुटाते हुए अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपनी जान का खतरा जताया। सुरक्षा का आश्वासन मिलने पर अदालत पहुंची और बेखौफ होकर गवाही दी।

    पीड़िता के साथ अन्य गवाह व साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित को दोषी माना। मामले के बाकी आरोपित महबूब हसन, अतुल त्रिवेदी व अन्य को पहले सजा सुनाई जा चुकी है।

    यह भी पढ़ें- गाजियाबाद में 13 साल की किशोरी से दुष्कर्म, बेटे को जन्म देने के बाद खुला सनसनीखेज मामला

    यह भी पढ़ें- अगवा कर के ले गए इंदौर, एक महीने तक बंधक बनाकर लगातार किया दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग