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    गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में नया मोड़: करीबी पर हत्या की साजिश का शक, तीन शूटरों की पहचान

    Updated: Sun, 15 Feb 2026 07:39 AM (IST)

    गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में नया मोड़ आया है, जिसमें उनके करीबी प्रभात पर हत्या की साजिश का शक है। व्यापारिक रंजिश और आर्थिक नुकसान को मुख्य का ...और पढ़ें

    दून पुलिस ने तीनों शूटरों की पहचान की, गिरफ्तारी के बाद उठ सकेगा पूरे मामले से पर्दा. File Photo

    दून पुलिस ने तीनों शूटरों की पहचान की, गिरफ्तारी के बाद उठ सकेगा पूरे मामले से पर्दा. File Photo

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    जागरण संवदादाता, देहरादून। गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है। उनके नजदीकी पर हत्या का शक जताया जा रहा है। ऐसी भी सूचना है कि आरोपित ने बनारस में आत्मसमर्पण कर लिया है, हालांकि एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि ऐसी सूचना मिली थी, लेकिन जांच कराने पर ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। शूटरों की गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का पर्दाफाश हो सकेगा। पुलिस टीमें अलग-अलग जगह भेजी गई हैं।

    चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की शुक्रवार को शूटरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि हत्याकांड के मुख्य आरोपित ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस सरेंडर के बाद अब हत्याकांड की कड़ियों से पूरी तरह पर्दा उठने की उम्मीद है। पुलिस की प्राथमिक जांच में हत्या के पीछे व्यापारिक रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई मुख्य कारण बनकर सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में तीन शूटरों की पहचान कर ली है, जिनके नाम आकाश प्रसाद, आशुतोष कुमार और विशाल बताए जा रहे हैं।

    जांच में यह भी पता चला है कि वारदात को अंजाम देने से पहले शूटर हरिद्वार के रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे। सीसीटीवी फुटेज में उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई है। शुक्रवार तड़के शूटर बाइक व स्कूटी से देहरादून पहुंचे। देहरादून के सिल्वर सिटी माल में हत्या की घटना को अंजाम देने के बाद हरिद्वार में वापस कर फरार हो गए।

    दो लाख की आमदनी बंद होने पर बनी हत्या की योजना

    हत्याकांड की साजिश के पीछे गैंगस्टर के नजदीकी व उसके सहयोगी प्रभात का हाथ बताया जा रहा है। जांच के अनुसार प्रभात ने ही विक्रम शर्मा के नजदीकी को जमशेदपुर के मानगो स्थित एक मकान में शरण दी थी। जब विक्रम शर्मा को इस बात का पता चला, तो उसने नाराजगी में प्रभात का ठेका छिनवाकर अपने करीबी को दिला दिया।

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    इसके साथ ही प्रभात का बैचिंग प्लांट का काम भी बंद करवा दिया गया, जिससे उसे हर महीने होने वाली करीब दो लाख रुपये की आय बंद हो गई। इसी आर्थिक नुकसान और रंजिश के कारण विक्रम के नजदीकी और प्रभात ने मिलकर विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाने का फैसला किया। उन्होंने शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए थे।

    जिम से निकलते ही बरसाई थीं गोलियां

    शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे जब विक्रम शर्मा देहरादून के एक जिम से बाहर निकल रहे थे, तभी उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

    विक्रम शर्मा के करीबी मित्र अखिलेश सिंह ने डालनवाला थाने में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब प्रभात की भी तलाश कर है। शनिवार को देहरादून में ही विक्रम शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें जमशेदपुर से भी उनके कई करीबी शामिल हुए। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार शूटरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    खोपड़ी से सटाकर मारी थी गोली

    सिल्वर सिटी माल की पहली मंजिल से पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज में हत्या की पूरी घटना कैद हुई है। बताया जा रहा है कि दो शूटर पहले ही माल की पहली मंजिल पर खड़े होकर विक्रम शर्मा के जिम से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे। जिस ही विक्रम शर्मा जिम से बाहर निकले और बाहर आने के लिए सीढ़ियों से नीचे उतरने लगे तो दोनों शूटर उनके पीछे-पीछे आए और पीछे से ही उनकी खोपड़ी से पिस्टल सटाकर गोली मार दी। शूटरों ने विक्रम शर्मा को बिल्कुल भी संभलने का मौका नहीं दिया।

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