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    उत्तराखंड में गौचर-बदरीनाथ शटल सेवा से बदलेगी यात्रा की रफ्तार, CM धामी ने किया ऐलान

    Updated: Tue, 10 Mar 2026 08:42 AM (IST)

    उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए गौचर से बदरीनाथ धाम तक शटल सेवा शुरू करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसकी घोषणा की। ...और पढ़ें

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। जागरण

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। जागरण

    HighLights

    1. गौचर से बदरीनाथ तक नई शटल सेवा शुरू होगी।

    2. मुख्यमंत्री धामी ने बजट अभिभाषण में इसकी घोषणा की।

    3. यात्रा सुगम होगी, जाम से मिलेगी राहत, रोजगार बढ़ेगा।

    अंकुर अग्रवाल, देहरादून। चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में राज्य सरकार इस बार एक और महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। केदारनाथ धाम में संचालित सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा की तर्ज पर अब गौचर से बदरीनाथ धाम तक शटल सेवा शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

    यह व्यवस्था लागू होने से बदरीनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी और यात्रा मार्ग पर लगने वाले लंबे जाम से भी काफी हद तक निजात मिल सकेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को गैरसैंण में विधानसभा सत्र में बजट अभिभाषण में इस योजना को इसी सत्र से लागू करने का ऐलान किया।

    चारधाम यात्रा के दौरान बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। विशेषकर जोशीमठ से बदरीनाथ के बीच कई बार लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है, जिससे श्रद्धालुओं को कई घंटों तक परेशान होना पड़ता है।

    इसी समस्या के समाधान के लिए सरकार अब गौचर से बदरीनाथ तक शटल सेवा संचालित करने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत हवाई सेवा से गौचर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को तो इस शटल सेवा का लाभ मिलेगा ही, साथ ही निजी वाहनों से बदरीनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं को भी यातायात की सुगमता के दृष्टिगत शटल सेवा की सुविधा दी जाएगी।

    निजी वाहनों को गौचर क्षेत्र में पार्क कराया जाएगा। इसके लिए यहां बड़ी पार्किंग बनाई जाएगी, जिसमें कम से कम 1000 हजार से अधिक वाहनों के खड़े होने की सुविधा रहे। यहां से निर्धारित शटल सेवा के माध्यम से यात्रियों को बदरीनाथ धाम तक पहुंचाया जाएगा। इससे एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों के बदरीनाथ की ओर जाने पर नियंत्रण रहेगा और मार्ग पर यातायात के दबाव में भी कमी आएगी।

    स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
    गौचर-बदरीनाथ शटल सेवा शुरू करने का एक उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना भी है। पूर्व में सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा में स्थानीय लोगों के वाहन ही उपयोग किए जा रहे हैं। यहां सोनप्रयाग में बड़ी पार्किंग में निजी वाहनों को खड़ा कराया जाता है और 50 रुपये प्रति यात्री की दर से शटल सेवा उपलब्ध कराई जाती है।

    140 किमी का होगा सफर
    सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा में यात्रियों का सफर महज साढ़े पांच किमी का होता है, लेकिन नई शटल सेवा गौचर-बदरीनाथ में यह सफर करीब 140 किमी का होगा। पर्यटन व यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो केदारनाथ धाम में शटल सेवा पहले ही सफल साबित हो चुकी है। उसी अनुभव के आधार पर अब बदरीनाथ धाम के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे यात्रा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और श्रद्धालुओं को भी सुगम व सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।

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    8.82 लाख श्रद्धालुओं ने लिया था लाभ
    पिछले साल केदारनाथ धाम में सोनप्रयाग-गौरीकुंड शटल सेवा में 882949 श्रद्धालुओं ने शटल सेवा का लाभ लिया था। यात्रा के नोडल अधिकारी/आरटीओ प्रशासन (देहरादून) संदीप सैनी ने बताया कि पूरी यात्रा में करीब 250 शटल सेवा संचालित की गई, जिन्होंने 37723 फेरे लगाए थे।

    महिलाओं के लिए पिंक शटल सेवा
    सरकार की ओर से पिछले साल केदारनाथ में महिलाओं व बुजुर्गों की सुविधा के लिए 12 पिंक शटल सेवा भी संचालित की गई थी। आने वाले यात्रा सीजन में नई शटल सेवा के शुरू होने से श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    वर्ष 2025 में चारधाम में आए श्रद्धालु

    केदारनाथ 1768795
    बदरीनाथ 1660224
    गंगोत्री 758249
    यमुनोत्री 644637
    कुल 4831905