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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड विधानसभा में जीएसटी बिल पारित, सदन अनिश्चितकाल को स्थगित

By BhanuEdited By:
Updated: Wed, 03 May 2017 05:01 AM (IST)

विधानसभा के दो दिनी विशेष सत्र में सर्वसम्मति से जीएसटी विधेयक पारित कर दिया गया। जीएसटी बिल पारित करने वाला उत्तराखंड देश का पांचवा राज्य है।

उत्तराखंड विधानसभा में जीएसटी बिल पारित, सदन अनिश्चितकाल को स्थगित
उत्तराखंड विधानसभा में जीएसटी बिल पारित, सदन अनिश्चितकाल को स्थगित

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन सदन में उत्तराखंड माल और सेवा कर विधेयक (एसजीएसटी) सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इसके अलावा सदन ने उत्तराखंड आकस्मिकता निधि अधिनियम (संशोधन) विधेयक भी पारित किया। विशेष बात यह रही कि नेता सदन और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अनुपस्थिति में दोनों ही दिन सदन में सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री प्रकाश पंत ने मोर्चा संभाले रखा। मंगलवार को सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

सोमवार को विधानसभा में पेश एसजीएसटी विधेयक पर मंगलवार को चर्चा हुई। विधेयक पर चर्चा शुरू करते हुए संसदीय कार्य व वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि यह प्रदेश में कर सुधार की दिशा में अहम कदम है। इससे केंद्र और राज्य के बीच समान राष्ट्रीय बाजार की स्थापना होगी। जीएसटी में 17 प्रकार के कर समाहित किए जाएंगे। शुरुआती दौर में पेट्रोलियम उत्पाद इससे बाहर रहेंगे लेकिन बाद में इन्हें जोड़ा जाएगा। 

किसान, अनाज व जीवन की जरूरी वस्तु जीएसटी के दायरे से बाहर रहेंगी। जीएसटी लागू होने से उत्तराखंड जैसे उपभोक्ता राज्य को अधिक फायदा होगा। जीएसटी लागू करने के लिए राज्य की ओर से सभी प्रावधान किए जा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने सुझाव दिया कि जीएसटी का अधिक लाभ लेने के लिए राजस्व वृद्धि दर को 17 प्रतिशत से अधिक रखने की जरूरत है। 

सरकार को आय और राजस्व की दृष्टि सतर्क रहना होगा। कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने छोटे व्यापारियों के हितों के संरक्षण पर ध्यान देने की बात कही। भाजपा विधायक हरबंस कपूर ने कहा कि जीएसटी लागू करने से व्यापारियों को उत्पीड़न कम होगा। विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि सरकार को इस बात का ध्यान रखना होगा कि टैक्स के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न हो।

विधायक विनोद चमोली, सुरेंद्र सिंह जीना व नवीन दुम्का ने भी जीएसटी के फायदे गिनाते हुए इसे लागू करने की पैरवी की। अंत में संसदीय कार्य मंत्री ने जीएसटी लागू करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी। चर्चा के बाद सदन ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया। उत्तराखंड जीएसटी विधेयक पारित करने वाला पांचवा राज्य है।

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