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    ऋषिकेश में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने दी चेतावनी, बोले- बिना किसी जरूरत मरीज रेफर किए तो छोडूंगा नहीं

    Updated: Mon, 30 Mar 2026 11:45 PM (IST)

    स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने ऋषिकेश के राजकीय अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अनावश्यक रेफरल और जरूरतमंदों के लिए लोकल परचेज न करने पर कड़ी ...और पढ़ें

    निरीक्षण के दौरान शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में मरीजों का हाल पूछते स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल। जागरण

    निरीक्षण के दौरान शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में मरीजों का हाल पूछते स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल। जागरण 

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    जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। अगर बिना जरूरत रेफर किया या जरूरतमंद व्यक्ति के लिए लोकल परचेज (एलपी) नहीं की तो अगली बार छोडूंगा नहीं।

    हमारे अस्पताल रेफरल सेंटर नहीं बनने चाहिए। यह सभी ध्यान से सुन लें। मुझे जनता के हित के लिए जो भी कड़ा एक्शन लेना होगा वह लिया जाएगा। आपकी जो समस्या है वह भी दूर की जाएगी।

    सोमवार देर शाम स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। देर शाम मंत्री के आने की भनक किसी को नहीं थी।

    स्वास्थ्य मंत्री सीधे इमरजेंसी में पहुंचे। दिन में ओपीडी बंद होने के कारण इमरजेंसी पर देर शाम तक भी दबाव था।

    इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री सीधे प्रथम तल पर स्थिति जच्चा-बच्चा वार्ड पहुंचे। यहां करीब 26 गर्भवती और प्रसव बाद की महिलाएं भर्ती थी।

    स्वास्थ्य मंत्री ने हर बेड पर जाकर उनकी कुशलता पूछी। मंत्री ने पूछा की कोई बाहर से दवा तो नहीं मंगवा रहा। सभी ने इस बात से इन्कार किया।

    उन्होंने अस्पताल में मिल रहे खाने की गुणवत्ता आदि के बारे में जानकारी ली। डाक्टरों की ओर से मिल रहे उपचार के बारे में भी पूछा।

    कैबिनेट मंत्री सुबोध ने कहा कि अगर कमी है तो सीधे बताएं। इसके बाद वह फिर से इमरजेंसी के पास पहुंचे।

    उन्होंने अस्पताल के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। उसके बाद इमरजेंसी के पास के शौचालय में जाकर उन्होंने व्यवस्था जांची। वहां एक यूरिनल पाइप ठीक नहीं मिला। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने नाराजगी जताई।

    उसके बाद उन्होंने चिकित्सालय के अधिकारियों से कहा कि इस तरह की छोटी-छोटी लापरवाही ठीक नहीं है।

    उन्होंने विभागीय अधिकारियों निर्देश दिए कि वह जरूरतमंद व्यक्ति के लिए लोकल परचेज (एलपी) करें। सरकार इसमें पीछे नहीं हट रही है।

    अगर विशेषज्ञ डाक्टर तैनात हैं और मरीजों को रेफर किया जा रहा है तो यह स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। मंत्री बोले, अभी निरीक्षण कर रहा हूं। जरूरत पड़ी तो कड़ा एक्शन भी लिया जाएगा।

    विशेषज्ञ डाक्टर हैं तो रेफर करना ठीक नहीं

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऋषिकेश के राजकीय चिकित्सालय से हर व्यक्ति को एम्स रेफर करने की प्रवृत्ति ठीक नहीं है।

    हमारे अस्पताल में अगर विशेषज्ञ चिकित्सक हैं तो उन्हें उपचार करना चाहिए, मरीजों को भर्ती कर उनके स्वास्थ्य की देखरेख में सहभागी बनना चाहिए

    । हर अच्छा काम करने वाले डाक्टर और सभी स्टाफ के साथ विभाग है। वह अपना शत प्रतिशत काम करके दें, उन्हें समस्या नहीं होगी।

    स्थानीय बोली में पूछी समस्या

    अस्पताल में भर्ती मरीजों से मंत्री सुबोध उनियाल ने गढ़वाली में बात की। महिलाओं ने भी उनसे गढ़वाली में ही अपनी बात बताई।

    हर बेड पर जाकर उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की समस्या हो तो सीधे उन्हें बताएं। मरीजों की हर समस्या को दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कहा कि फिर आएंगे और अस्पताल में क्या-क्या व्यवस्था दुरुस्त हुई वह देखेंगे।

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