देहरादून में LPG गैस वितरण की धीमी रफ्तार, महिलाएं लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर
विकासनगर और पछवादून में रसोई गैस सिलेंडरों का वितरण अभी भी पटरी पर नहीं है, जिससे महिलाएं लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर हैं। ...और पढ़ें

देहरादून के विकासनगर क्षेत्र में दो महिलाएं चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियां लातीं हुई।

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जागरण संवाददाता, विकासनगर (देहरादून)। रसोई गैस सिलिंडरों का वितरण अभी तक पटरी पर नहीं आ पाया है, जिस कारण पछवादून क्षेत्र में महिलाएं लकड़ी बीनकर अपना चूल्हा जलाने को मजबूर हैं।
वहीं, कमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति शुरू न होने से पर्यटन आधारित व्यवसाय, शादी व बर्थडे पार्टी आयोजन प्रभावित हुए हैं। जिससे वेडिंग प्वाइंट संचालकों के सामने व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया है।
हालांकि, एलपीजी की कालाबाजारी पर जिला प्रशासन सख्त है। गैस सिलिंडरों की डिलीवरी केवल अनुबंधित वाहनों से ही करने के निर्देश दिए हैं। उसके बाद भी सेलाकुई में अवैध गैस रिफ्लिंग पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा है।
पूर्ति निरीक्षकों ने एक दुकानदार के खिलाफ अवैध रिफ्लिंग का मुकदमा तो दर्ज कराया है, पर पूर्ति निरीक्षक अभी तक अवैध गैस रिफ्लिंग पर पूरी तरह से अंकुश नहीं लगा पाए हैं।
एलपीजी की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण व जनमानस को सुगमता से गैस आपूर्ति किए जाने के लिए टीमें बनाई हुई हैं। जिससे आपूर्ति कुछ हद तक पटरी पर आयी है, लेकिन अभी भी रसोई गैस की कमी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है।