देहरादून: नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास, 71 हजार का जुर्माना
देहरादून में अपर जिला एवं सेशन जज फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कठोर कारावास और 71 हजार रुपये जुर्माने की सज ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म पर 20 साल कठोर कारावास
दोषी पर 71 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया
पीड़िता को तीन लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश
जागरण संवाददाता, देहरादून। न्यायालय अपर जिला एवं सेशन जज फास्ट ट्रेक कोर्ट (पोक्सो) मंजू सिंह मुंडे की अदालत ने नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म करने वाले को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही 71 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को राज्य सरकार की ओर से प्रस्तावित योजना के तहत तीन लाख रुपये प्रतिकर के रूप में देने को कहा है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता किशोर के अनुसार, एक युवती ने शहर कोतवाली में छह मई 2023 को तहरीर दी कि उनकी सबसे छोटी बहन उनके साथ ही रहती है।
उसकी मकान में रहने वाला उनके ताऊ का बेटा उसकी बहन के साथ पिछले दो-तीन महीने दुष्कर्म करता आ रहा है। उनकी बहन नाबालिग है।
आरोपित उसे लगातार धमकी दे रहा है कि यदि घटना के बारे में किसी को बताया तो वह उसके मां-बाप को मार देगा और उसकी अश्लील वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर देगा।
इस मामले में शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उसी दिन उसे गिरफ्तार कर लिया।
अपने बयान में पीड़िता ने बताया कि उसकी उम्र 13 वर्ष है और वही आठवीं कक्षा में पढ़ती है। आरोपित उसके ताऊ का बेटा है, जो कि उसी बिल्डिंग में रहता है।
तीन मई 2023 को आरोपित उसे एक आफिस में ले गया और जबरदस्ती करने लगा। उसके पिता ने यह सब देख लिया तो आरोपित घटनास्थल से फरार हो गया। आरोपित ने इससे पहले उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
नाबालिग ने स्वजन को घटना के बारे में इसलिए नहीं बताया, क्योंकि आरोपित लगातार उसे धमकी दे रहा था। इस मामले में अभियोजन की ओर से आठ गवाह पेश किए।
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