देहरादून: सुनियोजित विकास के लिए एमडीडीए का 968 करोड़ का मास्टर प्लान मंजूर
एमडीडीए ने देहरादून के भविष्य के लिए 968 करोड़ रुपये का विस्तृत विकास खाका मंजूर किया है। इसका उद्देश्य शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, हरियाली बढ़ ...और पढ़ें

ट्रांसपोर्टनगर स्थित एमडीडीए कार्यालय में बोर्ड बैठक के दौरान उपस्थित गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय, प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी व अन्य अधिकारी। प्राधिकरण

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जागरण संवाददाता, देहरादून। तेजी से फैलते शहर, बढ़ती आबादी, यातायात दबाव, सिकुड़ती हरियाली और बदलते भू-उपयोग के बीच देहरादून को आने वाले वर्षों के लिए तैयार करने की दिशा में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने 968 करोड़ रुपये का विस्तृत विकास खाका मंजूर किया है।
सोमवार को एमडीडीए की 113वीं बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को स्वीकृति देते हुए 48 प्रस्तावों पर मुहर लगी।
प्रस्तावों में शहरी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, निर्माण गतिविधियों को नियंत्रित करने, पर्यटन निवेश बढ़ाने, हरित क्षेत्र विकसित करने व सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर एक साथ काम करने का निर्णय लिया गया।
आयुक्त गढ़वाल मंडल एवं प्राधिकरण अध्यक्ष विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह साफ किया गया कि देहरादून अब केवल विस्तार का नहीं बल्कि नियोजित संतुलित विकास का दौर देखेगा।
शहर के तेजी से बाहरी क्षेत्रों तक फैलने, नई कालोनियों के बढ़ने और निर्माण दबाव बढ़ने के कारण आधारभूत ढांचे पर जो दबाव बना है, उसे ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है। इससे पूर्व बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने की।
पिछली 112वीं बोर्ड बैठक के निर्णयों की समीक्षा के बाद समस्त प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई और नियमानुसार स्वीकृति दी गई। प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि 48 प्रस्तावों में अधिकांश सीधे जनहित और विकास से जुड़े हैं और अब इनके क्रियान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
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निर्माण, निवेश और रोजगार को एक साथ गति
बोर्ड बैठक में ईको-रिजार्ट, होटल, व्यावसायिक निर्माण और आवासीय मानचित्रों से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इससे शहर में निजी निवेश को गति मिलने के साथ पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियां भी मजबूत होंगी।
विशेषकर शहर के बाहरी क्षेत्रों व पर्यटन मार्गों पर नियोजित निर्माण से रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नियंत्रित व्यावसायिक विकास से अनियोजित निर्माण पर भी रोक लगेगी और शहर के भीतर दबाव को बाहरी क्षेत्रों में संतुलित ढंग से वितरित किया जा सकेगा।
निर्माण नियम सख्त, अव्यवस्था पर नियंत्रण
बैठक में भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2011 (संशोधित) को राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप अपनाया गया। इससे निर्माण स्वीकृतियों की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी, नक्शा पास कराने की व्यवस्था सरल होगी और अवैध निर्माण पर निगरानी मजबूत की जा सकेगी।
इसका सीधा लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां तेजी से बिना पर्याप्त योजना के निर्माण बढ़ रहा है। आने वाले समय में पार्किंग, सेटबैक और भवन ऊंचाई से जुड़े नियमों का पालन अधिक प्रभावी तरीके से कराया जा सकेगा।
हरित दून के लिए अलग रणनीति
शहर में बढ़ते तापमान और घटती हरियाली को बैठक में गंभीर चुनौती माना गया। इसी कारण वृक्षारोपण, जल संरक्षण और नए पार्कों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई।
शहर के डिवाइडरों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मार्गों पर हरित पट्टियां विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह केवल सौंदर्यीकरण नहीं बल्कि तापमान नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हरित क्षेत्र बढ़ने से धूल नियंत्रण, तापमान में कमी और शहरी वातावरण की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
डिवाइडर से लेकर पार्क तक रखरखाव की मशीनरी
हरियाली को नियमित बनाए रखने के लिए प्राधिकरण ने एक ट्रैक्टर (प्रेशर पंप सहित) और हाइड्रोलिक ट्राली खरीदने का निर्णय लिया है।
इससे पौधारोपण, खाद, मिट्टी और पानी की आपूर्ति नियमित ढंग से हो सकेगी। डिवाइडरों पर पौधों और गमलों की व्यवस्थित देखरेख से शहर के मुख्य मार्गों का दृश्य प्रभाव भी बेहतर होगा।
शहर को मिलेगा सीधा लाभ
एमडीडीए के इस बजट का प्रभाव केवल निर्माण परियोजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा। शहर को इससे कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
नई परियोजनाओं से बाहरी क्षेत्रों में सुनियोजित शहरी विस्तार होगा, साथ ही पर्यटन निवेश बढ़ने से स्थानीय व्यापार और रोजगार भी मजबूत होंगे। हरित क्षेत्र बढ़ने से गर्मी और धूल के प्रभाव में कमी आएगी।
निर्माण नियम स्पष्ट होने से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी व सार्वजनिक स्थलों और मार्गों का सौंदर्यीकरण शहर की छवि सुधारेगा। आने वाले वर्षों में बुनियादी सुविधाओं पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
बोर्ड बैठक के खास बिंदु
- 968 करोड़ रुपये से शहर के विकास कार्यों को रफ्तार
- होटल, ईको-रिजार्ट और व्यावसायिक निर्माण को मंजूरी
- हरियाली बढ़ाने के लिए अलग मशीनरी खरीदी जाएगी
- निर्माण नियमों में संशोधन से अवैध निर्माण पर नियंत्रण
- बढ़ती आबादी के दबाव को ध्यान में रखकर योजना तैयार
सरकार और प्राधिकरण का लक्ष्य केवल निर्माण नहीं बल्कि देहरादून को संतुलित, हरित और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना है। हमारी प्राथमिकता है कि शहर का विस्तार संतुलित हो, आधारभूत ढांचा मजबूत बने और पर्यावरण संरक्षण समानांतर रूप से आगे बढ़े, ताकि आने वाले वर्षों की जरूरतों को अभी से व्यवस्थित किया जा सके।
-विनय शंकर पांडेय, मंडलायुक्त
देहरादून का विकास केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। बोर्ड बैठक में स्वीकृत प्रस्तावों का सीधा लाभ शहर की आधारभूत सुविधाओं, निवेश और रोजगार पर दिखाई देगा। प्रयास यही है कि विकास योजनाएं जमीन पर समयबद्ध उतरें और लोगों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिले। स्वीकृत प्रस्तावों से निवेश और रोजगार दोनों को बल मिलेगा।
-बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष एमडीडीए
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