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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    2015 से अधर में मसूरी की मल्टीलेवल पार्किंग, पढ़िए पूरी खबर

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    Updated: Fri, 19 Apr 2019 08:54 AM (IST)

    मसूरी में वर्ष 2015 में मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण शुरू किया गया था। लेकिन उसकी प्रगति साढ़े तीन साल बाद भी 15-20 प्रतिशत पर अटकी हुई है। ...और पढ़ें

    2015 से अधर में मसूरी की मल्टीलेवल पार्किंग, पढ़िए पूरी खबर
    2015 से अधर में मसूरी की मल्टीलेवल पार्किंग, पढ़िए पूरी खबर

    देहरादून, जेएनएन। जिस मल्टीलेवल कार पार्किंग का निर्माण मसूरी में साल 2015 में शुरू किया गया था, उसकी प्रगति साढ़े तीन साल बाद भी 15-20 प्रतिशत पर अटकी हुई है। यह स्थिति तब है, जब निर्माण पूरा करने की एक डेडलाइन करीब दो साल पहले बीत चुकी है और दूसरी डेडलाइन इस जुलाई माह में बीतने जा रही है। पर्यटन सीजन में मसूरी में वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह ही नहीं मिल पाती है। इसके चलते न सिर्फ लोगों को यहां-वहां भटकना पड़ता है, बल्कि सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। 

    पार्किंग की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पर्यटन विभाग ने लोनिवि को किंक्रेग क्षेत्र में दो मंजिला पार्किंग निर्माण का जिम्मा सौंपा था। पार्किंग के लिए अक्टूबर 2015 में टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसका जिम्मा फरीदाबाद, हरियाणा की कंपनी ऋचा इंडस्ट्रीज को सौंपा गया था। तय किया गया था कि निर्माण कार्य पांच जून 2017 को पूरा किया जाना है। 

    हालांकि, जब यह डेडलाइन बीती तो नाममात्र ही काम पूरा हो पाया था। इसके बाद लोनिवि ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी भी शुरू कर दी थी। तब मुख्य अभियंता स्तर-प्रथम कार्यालय ने ठेकेदार को एक और मौका देते हुए पांच जुलाई 2019 तक काम पूरा करने को कहा था। ठेकेदार को बेशक एक अवसर और मिल गया, मगर काम की रफ्तार नहीं बढ़ पाई। एक साल पहले तक अधिकारी दावा कर रहे थे कि वर्ष 2019 के पर्यटन सीजन तक पार्किंग का लाभ लोगों को मिलने लगेगा, जबकि प्रगति का हाल देखकर लगता है कि वर्ष 2020 तक के सीजन में भी पार्किंग का काम पूरा हो पाना संभव नहीं।

    मल्टीलेवल पार्किंग पर एक नजर 

    काम शुरू, अक्टूबर-नवंबर 2015 

    लागत, 31.78 करोड़ रुपये 

    पहली डेडलाइन, पांच जून 2017 

    अब तक भुगतान, 15 करोड़ रुपये 

    डेडलाइन बढ़ाई, सात जुलाई 2018 

    अब डेडलाइन, 29 जुलाई 2019 

    कार्य प्रगति, 15-20 फीसद 

    काम पूरा करने की संभावित तिथि, अभी तक अस्पष्ट

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