PM मोदी देहरादून-सहारनपुर हाईवे पर स्थित डाट काली मंदिर में करेंगे पूजा, हलवा-पूरी का भोग लगाकर करेंगे ध्यान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ, वे मां डाट काली मंदिर में पारंपरिक ...और पढ़ें

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल को आ रहे हैं उत्तराखंड के दौरे पर।

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अंकुर अग्रवाल, देहरादून। 14 अप्रैल को उत्तराखंड आ रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यक्रम में एक धार्मिक अनुष्ठान भी शामिल हो गया है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन और जनसभा के साथ ही वह न सिर्फ मां डाट काली मंदिर के दर्शन करेंगे अपितु हलवा-पूरी और चने का पारंपरिक भोग अर्पित कर ध्यान भी लगाएंगे।
मंदिर समिति ने इस विशेष प्रसाद को पूजा कार्यक्रम का हिस्सा बनाया है। पूजन के बाद प्रधानमंत्री स्वयं भी यही प्रसाद ग्रहण करेंगे।
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर मंदिर समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। समिति की ओर से प्रधानमंत्री को मां डाट काली का प्रतीक चिह्न भेंट किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने प्रसाद की तैयारी भी परंपरागत तरीके से कराने की व्यवस्था की है, ताकि धार्मिक मर्यादा बनी रहे। इसके तहत गर्भगृह में विशेष आरती, भोग अर्पण और संक्षिप्त पूजा-अर्चना शामिल रहेगी।
पूजा-अर्चना और प्रसाद ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से गढ़ीकैंट जसवंत ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां जनसभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन से जुड़ी मुख्य गतिविधियों का हिस्सा होगा।

फूलों से सजने लगा सिद्धपीठ, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मंदिर परिसर के हर हिस्से को सजाया जा रहा है। मुख्य प्रवेश द्वार, गर्भगृह तक जाने वाला गलियारा, सीढ़ियां व परिसर के खुले हिस्सों में फूलों की सजावट की जा रही है।
पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा का बहुस्तरीय घेरा तैयार करना शुरू कर दिया है। मंदिर समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और बाहर प्रसाद की दुकान लगाने वालों का सत्यापन कराया जा चुका है।

मां डाट काली: संरक्षक देवी के रूप में होती है पूजा
देहरादून-सहारनपुर हाईवे पर स्थित मां डाट काली मंदिर चमत्कारी सिद्धपीठ माना जाता है। वर्ष 1804 में स्थापित यह मंदिर माता काली को समर्पित है, जिन्हें स्थानीय लोग संरक्षक देवी मानते हैं।
यह मंदिर देहरादून शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। देहरादून या आसपास के क्षेत्रों में नया वाहन खरीदने पर लोग यहां आशीर्वाद लेने अवश्य आते हैं।
मान्यता है कि जब अंग्रेज यहां सुरंग बना रहे थे, तब यह बार-बार टूट जाती थी। एक हिंदू ठेकेदार के सपने में माता ने स्थान बताया, जिसके बाद मूर्ति प्रकट हुई और स्थापना के बाद ही सुरंग का निर्माण पूरा हो सका। चैत्र और शारदीय नवरात्र में यहां विशेष पूजा, जागरण और भंडारे का आयोजन होता है।
इसलिए खास है हलवा-पूरी और चने का भोग
मां डाट काली मंदिर में हलवा-पूरी और काले चने का भोग विशेष आस्था से जुड़ा माना जाता है। मान्यता है कि यह प्रसाद शक्ति, समृद्धि और मंगल का प्रतीक है। विशेष अवसरों और मनौती पूर्ण होने पर श्रद्धालु यही भोग अर्पित करते हैं।
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