देहरादून भवन कर: 31 मार्च तक भुगतान करें, वरना लगेगा 32% अतिरिक्त शुल्क
देहरादून नगर निगम वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले भवन कर वसूली में तेजी ला रहा है। 31 मार्च के बाद 20% छूट समाप्त हो जाएगी और बकायेदारों पर 12% पेनाल ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, देहरादून। भवन कर वसूली में नगर निगम ने पूरा जोर लगा दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अब चंद दिन शेष बचे हैं और निगम अधिक से अधिक राजस्व संग्रहण का प्रयास कर रहा है।
हालांकि, निगम निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है। ऐसे में बकायेदारों को अंतिम चेतावनी दी गई है।
31 मार्च के बाद अभी दी जा रही 20 प्रतिशत की छूट समाप्त हो जाएगी और बकायेदारों पर 12 प्रतिशत पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। शहर में डेढ़ सौ से अधिक बड़े बकायेदार हैं।
नगर निगम की ओर से भवन कर वसूली अभियान चलाया जा रहा है। करदाताओं को वाट्सएप के माध्यम से बिल भेजकर आनलाइन भुगतान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही नए करदाताओं से भी संपर्क साधा जा रहा है।
इसके अलावा बकायेदारों को शीघ्र भुगतान को लेकर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नगर आयुक्त नमामी बंसल ने अंतिम सप्ताह में अधिक से अधिक राजस्व वसूली के निर्देश दिए हैं।
जिसके लिए कर निरीक्षकों से लेकर लिपिकों की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। निगम में काउंटर भी बढ़ा दिए गए हैं और अवकाश के दिन भी कर वसूली की जा रही है।
फिलहाल करदाताओं को भुगतान पर 20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। जबकि, 31 मार्च के बाद यह छूट समाप्त कर दी जाएगी।
ऐसे में घरेलू करदाता तो भुगतान के लिए निगम पहुंच रहे हैं, लेकिन कई बड़े बकायेदार अब भी खामोश बैठे हैं।
जिस पर निगम एक अप्रैल से बकायेदारों पर 12 प्रतिशत पेनाल्टी लगाएगा। कुल मिलाकर 31 मार्च के बाद 32 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा।
50 से अधिक लाखों के बकायेदार
नगर निगम की ओर से तैयार की गई सूची में शहर में 50 से अधिक ऐसे बकायेदार हैं, जिन पर एक लाख से अधिक का बकाया है।
वहीं, लगभग 100 बकायेदार 50 हजार से अधिक की धनराशि दबाए बैठे हैं। निगम ने सभी को अंतिम नोटिस भेजने के साथ ही संपर्क साधा जा रहा है।
दून में कुल करदाता एक लाख 17 हजार
नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार, दून में वर्तमान में कुल एक लाख 17 हजार करदाता हैं। इसमें घरेलू और व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं।
आनलाइन किए गए इस रिकार्ड में मलिन बस्तियां शामिल नहीं की गई हैं। साथ ही नए 40 वार्डों के घरेलू भवन स्वामी भी कर के दायरे से बाहर हैं। नए वार्डों में केवल व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से कर वसूला रहा है।
लक्ष्य से 20 करोड़ पीछे निगम, पिछले वर्षा के राजस्व के करीब
नगर निगम की ओर से वित्तीय वर्ष-2025-26 के लिए कर वसूली लक्ष्य 75 करोड़ रुपये रखा गया था। जबकि, अब तक करीब 55 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं।
आगामी 31 मार्च तक इसके 60 करोड़ रुपये के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। पिछले वर्ष भी निगम को करीब 62 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था।
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